अब हिमाचल प्रदेश में पानी और कार्बन डायआक्साइड का ही नहीं बल्कि नाइट्रोजन पाउडर का भी आग बुझाने में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अग्निशमन विभाग के लिए इस गैस पाउडर से युक्त वाहनों की भी व्यवस्था कर ली है।
सोमवार को ऐसे सात अग्निशमन वाहनों को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया, जिनमें पानी के टैंकरों के अलावा कार्बन डायआक्साइड और नाइट्रोजन पाउडर का भी प्रबंध किया गया है। ऐसे सात वाहनों को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को सीटीओ चौक शिमला से हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए भेजा।
आधुनिक उपकरणों वाले इन अग्निशमन वाहनों को ऊना, मनाली, नालागढ़, तिलकनगर अग्निशमन चौकियों के अलावा बैजनाथ, सरकाघाट और घुमारवीं अग्निशमन केंद्रों को भेजा गया है। इन वाहनों को मिलाकर विभाग में अग्निशमन वाहनों की कुल संख्या 138 से बढ़कर 145 हो गई है।
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अग्निशमन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है और चरणबद्ध तरीके से अग्निशमन केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जहां बड़े वाहनों की जरूरत है, वहां बड़े भेजे जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा विभाग के महानिदेशक और निदेशक अग्निशमन एसआर मरडी ने कहा है कि पहली बार नए दमकल वाहनों में नाइट्रोजन पाउडर भी शामिल किया गया है। इससे हर तरह की आग बुझाई जा सकेगी।
इस मौके पर डीसीजी होमगार्ड राकेश शर्मा, डिविजनल कमांडेंट अनुज तोमर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी जगदीश चंद्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी, एडीएम प्रोटोकोल जीसी नेगी, कमांडेंट, अग्निशमन अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।