एनआईटी हमीरपुर में मोबाइल डिवाइस सुरक्षा पर शोध होगा। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता चरण-3 के तहत दो करोड़ रुपये का रिसर्च प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर को एक प्रमुख भागीदार के रूप में चुना गया है। मंत्रालय और एनआईटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
एनआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. टीपी शर्मा इस परियोजना के मुख्य अन्वेषक होंगे, डॉ. नवीन चौहान सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में कार्य करेंगे। संस्थान को पहली किस्त के रूप में 47.80 लाख प्राप्त हो चुके हैं।
मंत्रालय की इस परियोजना के तहत तीसरे चरण में विभिन्न संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए थे। इसमें सूचना सुरक्षा से जुड़े विषयों पर शोध को लेकर प्रस्ताव अपेक्षित थे। एनआईटी हमीरपुर की ओर से डॉ. टीपी शर्मा व डॉ. नवीन चौहान ने मोबाइल डिवाइस सुरक्षा के विषयों को चुना। इसमें परियोजना में विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी, जैसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी शोध, नए अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापना, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, वेबिनार और विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी, रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष ननोटी ने कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग को बधाई दी है।
यह होगा प्रोजेक्ट में शामिल
डाॅ. टीपी शर्मा ने कहा कि परियोजना का मुख्य लक्ष्य मोबाइल डिवाइस सुरक्षा और व्यापक साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता को बढ़ाया जाएगा। साथ ही ऐसे प्रशिक्षित पेशेवरों को तैयार किया जाएगा, जो स्मार्टफोन्स, टैबलेट, लैपटॉप आदि जैसे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान कर सकें। साइबर अटैक से मोबाइल को कैसा बचाया जाए और साइबर अटैक का पता कैसे आसानी से लगाया जा सके, इस पर बारीकी से शोध किया जाएगा। साइबर अटैक से फ्राॅड सहित अन्य चुनौतियों से समाज को जागरूक करने की गतिविधियां भी प्रोजेक्ट में शामिल हैं।