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एनआईटी हमीरपुर दीक्षांत समारोह: बेस्ट ऑलराउंडर चारु को निदेशक पदक, 1057 मेधावियों को डिग्रियां

Sat, 11 Dec 2021 10:28 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और खेल एवं युवा मामले तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी दीक्षांत समारोह में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक उद्यमी अनेक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार देता है। इसलिए छात्रों को उद्यमिता को अपनाना चाहिए।
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एनआईटी हमीरपुर के दीक्षांत समारोह में बांटीं मेधावियों को डिग्रियां। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के 12वें दीक्षांत समारोह में डिग्रियां हासिल कर मेधावी फूले नहीं समाए। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा चारु सहगल को वर्ष 2021 के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर छात्रा के रूप में निदेशक पदक से नवाजा गया। इसके अलावा यूजी, पीजी और पीएचडी स्तर पर कुल 1057 डिग्रियां प्रदान की गईं।  इसके अतिरिक्त विभिन्न यूजी तथा पीजी कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए 36 स्वर्ण पदक, 10 रजत पदक और 11 कांस्य पदक विजेताओं की सूची जारी की गई। कुल 36 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 21 मेधावियों ने ही कार्यक्रम में उपस्थित होकर पदक हासिल किए। 23 पीएचडी उपाधि प्राप्तकर्ता और 33 पदक विजेता स्वयं सभागार में उपस्थित रहे। अन्य सभी छात्रों, उनके अभिभावकों, विशिष्ट पूर्व छात्रों, आमंत्रित अतिथियों तथा अन्य सभी लोगों के लिए कार्यक्रम का ऑनलाइन वेबकास्ट किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने समारोह की अध्यक्षता की। संस्थान के कुल सचिव प्रो. योगेश गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए दीक्षांत समारोह के समापन की घोषणा की। इसके बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी गई। 

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यूजी पाठ्यक्रम के इन छह विद्यार्थियों को मिला गोल्ड
इंजीनियरिंग के यूजी पाठ्यक्रम के लिए 6 विद्यार्थियों मेकेनिकल इंजीनियरिंग के आयुष तिवारी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग की संजना, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के मयंक धीमान, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग की उज्ज्वल गुप्ता, सामग्री विज्ञान और इंजीनियरिंग के निखिल चौधरी,  वास्तुकला से दिव्या सिंह को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

पीजी के इन 15 विद्यार्थियों को मिला स्वर्ण पदक
जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग और अंडर ग्राउंड स्ट्रक्चर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सफीना नजीर, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विकास डढवाल, परिवहन प्रणाली इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रभात शर्मा, जल संसाधन इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग की भारती शर्मा, पर्यावरण इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शुभम केतन शर्मा, थर्मल इंजीनियरिंग (सीएफडी और एचटी) मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सुनील कुमार, सीएडी-सीएएम, मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अक्षय शर्मा, वीएलएसआई डिजाइन स्वचालन और तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग के जी. विष्णु पवन रेड्डी, वीएलएसआई डिजाइन ऑटोमेशन एंड टेक्निक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अनुदिता गौड़, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (दोहरी उपाधि), इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग के वंशज शर्मा, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के नीतीशा नेगी, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (दोहरी उपाधि), कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग की सलोनी लड्ढा, आर्किटेक्चर, मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर विभाग की स्नेहा सारा वर्गीज, रसायन विज्ञान, मास्टर ऑफ साइंस विभाग की मेघाली, गणित और कम्प्यूटिंग, मास्टर ऑफ साइंस विभाग की आकांक्षा।
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उद्यमिता अपनाएं, आजीविका में मदद मिलेगी: धर्मेंद्र
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और खेल एवं युवा मामले तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी दीक्षांत समारोह में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक उद्यमी अनेक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार देता है। इसलिए छात्रों को उद्यमिता को अपनाना चाहिए। क्योंकि इससे लोगों के लिए आजीविका बनाने में मदद मिलेगी तथा देश का उत्थान संभव होगा। यह हमारी संयुक्त जिम्मेदारी है कि हम भी इस राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। युवा ही भविष्य के भारत की उम्मीद हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों में मल्टीपल-एंट्री और मल्टीपल-एग्जिट का विकल्प उपलब्ध है। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी विभिन्न परियोजनाएं केंद्र सरकार ने आरंभ की हैं। 

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