सोमवार को इसको लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सर्किट में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक विशेष गंतव्य को आदर्श और अद्वितीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
कहा कि स्थानीय व्यंजनों, लोक कलाकारों, स्थानीय कारीगरों, टूर गाइड, इको गाइड, एडवेंचर गाइड इत्यादि को प्रोत्साहित किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह ने पर्यटन सर्किटाें पर विस्तृत पावर पाइंट प्रस्तुति दी।
बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी, मनीषा नंदा, अनिल खाची और तरुण कपूर, सचिव कला, भाषा एवं संस्कृति पूर्णिमा चौहान, पर्यटन निदेशक सुदेश मोक्टा आदि उपस्थित थे।
तहत जोगिंद्रनगर- बरोट- कोठी- कोहर - राजगंगा- बीड - बिलिंग, सुंदरनगर- चैल चौक - कामरू नाग -शिकारी देवी- जंजैहली देवी - जंजैहली, शिमला- खड़ा पत्थर- रोहडू- संदासु- लरोट- चांशल- डोडराक्वार, धौलाधार
सर्किट, बुद्धि सर्किट, भाखड़ा- बिलासपुर - सुंदरनगर-जोगिन्द्रनगर - पौंगडैम, सोलन- हाब्बण- राजगढ़- शिलाई, मनाली-रोहतांग-तान्दी-उदयपुर-किलाड़ तथा नारकंडा-बागी-खदराला-चिनी (पांगी) सर्किट शामिल हैं।