प्लॉट और फ्लैट लेने के लिए लोगों का हिमुडा से विश्वास उठ गया है। अब तक हिमुडा से 9000 लोगों ने अपनी सिक्योरिटी वापस ले ली है। इसमें कुछेक लोगों की सिक्योरिटी हिमुडा ने खुद वापस लौटा दी है। भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों से डिमांड ऑफ सर्वे के मुताबिक आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अधिकांश लोगों को न तो फ्लैट दिए और न ही घर बनाने के लिए जमीनें दी गईं।
हिमुडा में लगातार लोगों की ओर से सिक्योरिटी लेने का दौर जारी है। हिमुडा से मिली जानकारी के मुताबिक 2009 में डिमांड ऑफ सर्वे के मुताबिक लोगों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें 69 हजार के करीब लोगों ने 5000 रुपये सिक्योरिटी जमा कराकर आवेदन किया था। भाजपा ने सत्ता में रहते हुए लोगों को न तो प्लॉट और न ही फ्लैट दिए। कांग्रेस सरकार को सत्ता में रहते हुए 4 साल हो गए हैं, लेकिन लोगों को निराशा ही हाथ लगी है।
प्लॉट और फ्लैट न देने के कई तर्क दे रहा हिमुडा
लोगों को प्लॉट और फ्लैट न दिए जाने पर हिमुडा कई तर्क दे रहा है। कहा जा रहा है कि हिमुडा को जमीनें नहीं मिल रही हैं। जहां जमीन मिल रही है, वहां कंस्ट्रक्शन कॉस्ट ज्यादा होने से हिमुडा घाटे में चला जाएगा। क्षेत्र में 20 से कम आवेदन वाले क्षेत्रों में भी हिमुडा कॉलोनियां बनाने से मना कर रहा है।
जो लोग खुद सिक्योरिटी वापस ले रहे हैं, उन्हें ब्याज समेत राशि नहीं लौटाई जा रही है। हिमुडा खुद जिनकी सिक्योरिटी लौटा रहा है, उन्हें राशि ब्याज समेत दी जा रही है। -यशवंत छाजटा, हिमुडा उपाध्यक्ष