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नगर परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से नाराज 9 पार्षदों ने दिया त्यागपत्र

Wed, 24 Oct 2018 01:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सोलन नगर परिषद में भाजपा की अंतर्कलह जगजाहिर हो गई है। भाजपा के नौ पार्षदों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज होकर त्यागपत्र दे दिया है। त्यागपत्र का ऐलान करने वालों में छह चयनित और तीन मनोनीत पार्षद शामिल हैं। 

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इन सभी ने मंगलवार को इस बारे में सोलन नगर परिषद के विश्रामगृह में आपात बैठक की और सर्वसम्मति से मंडलाध्यक्ष को अपने त्यागपत्र सौंपने का निर्णय लिया। त्यागपत्र के निर्णय से भाजपा में खलबली मच गई है।

करीब सवा साल पहले ही सोलन नगर परिषद में अध्यक्ष का तख्ता पलट हुआ था। पवन गुप्ता को कुर्सी से हटाकर देवेंद्र ठाकुर को अध्यक्ष चुना गया था। उस समय कांग्रेस के पार्षदों के साथ मिलकर भाजपा के पार्षदों ने तख्ता पलट को अंजाम दिया था।
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लेकिन अब दोबारा से भाजपा पार्षद एकजुट होकर मौजूदा अध्यक्ष को पद से हटाने की तैयारी कर चुके हैं। यह ऐलान लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है। ऐसे में पार्टी के लिए भी भूचाल को संभाल पाना आसान नहीं होगा। 

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सर्वसम्मति से लिया निर्णय : पवन गुप्ता

फिलहाल, मंगलवार को नगर परिषद विश्राम गृह में हुई बैठक में मुख्य तौर पर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद मनोनीत पार्षद भरत साहनी ने बताया कि सभी नौ पार्षद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं।

बैठक में खुलकर सोलन के विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई है। नगर परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष विकास कार्यों के टेंडर लगाने और उन्हें शुरू करवा पाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में नगर परिषद सोलन में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। इसके चलते भाजपा समर्थित नौ पार्षदों ने त्यागपत्र देने का फैसला किया है। त्यागपत्र मंडलाध्यक्ष को सौंप दिए हैं।  

 पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि सोलन नगर परिषद के नौ पार्षदों ने मंगलवार को बैठक की है। इसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पदों से त्यागपत्र देने का फैसला लिया है।

उन्होंने बताया कि आगामी समय में लोकसभा चुुनाव हैं और नगर परिषद में विकास कार्य ठप पड़ चुके हैं। ऐसे में किस मुंह से भाजपा शहरी मतदाताओं से वोट मांग पाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में विकास की रफ्तार तभी तेज हो सकती है जब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को पदमुक्त कर दिया जाए।
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