पूर्व सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव ने ट्वीट किया है कि पेरेंट केस को भी एनआईए ने ही जांचा था तो संस्थागत पूर्वाग्रह और पक्षपात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और आईपीएस एसोसिएशन को भी टैग किया है।
सीबीआई के पूर्व निदेशक एम नागेश्वर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अरविंद दिग्विजय नेगी पर दर्ज लश्कर-ए-ताइबा को देश विरोधी सूचनाएं लीक करने के मामले को सीबीआई को सौंपने का सुझाव देकर निष्पक्ष जांच करने की जरूरत जताई है। राव ने ट्वीट किया है कि पेरेंट केस को भी एनआईए ने ही जांचा था तो संस्थागत पूर्वाग्रह और पक्षपात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और आईपीएस एसोसिएशन को भी टैग किया है।
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राव के अनुसार एनआईए एक प्रोफेशनल बॉडी है, इसलिए उनके पास इसकी निष्पक्षता पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। चूंकि पेरेंट केस की जांच भी एनआईए ही कर रही थी तो ऐसे में एनआईए के पूर्व अधिकारी अरविंद और अन्य पर संस्थागत पूर्वाग्रह या पक्षपात की संभावना से मना नहीं कर सकते हैं। इस केस की पक्षपातरहित सावधानी से छानबीन किए जाने की जरूरत है।
अरविंद अपराधी निकला तो किसी को खेद नहीं, जांच सीबीआई को दो: अशोक शर्मा
शिमला के पूर्व आईजी अशोक शर्मा ने भी कमेंट किया है कि अरविंद ने उनके साथ काम किया था। उन्हें कभी भी अरविंद की प्रोफेशनल निष्ठा पर संदेह नहीं था। वह खुद गलत भी हो सकते हैं, लेकिन जांच एजेंसियों में फ्रेंमिंग या प्लांटिंग से अनभिज्ञता नहीं है। यह जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए और अरविंद अगर अपराधी निकला तो किसी को खेद नहीं होगा।
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समानांतर एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाएं : ओसी ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सीआईडी के एक अन्य सेवानिवृत्त आईजी ओसी ठाकुर पहले ही कह चुके हैं कि इस मामले की समानांतर एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने हाल ही में एक पुस्तक लिखी ‘ऑल इन द लाइफ ऑफ ए कॉप’ में भी अरविंद नेगी को एक उत्कृष्ट जांच अधिकारी बताया है।