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Shimla News: फोरलेन की जद में आए घरों का अधिग्रहण करेगी एनएचएआई

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कालका-शिमला फोरलेन के कैथलीघाट से ढली तक निर्माण कार्य से प्रभावितों को मिलेगी बड़ी राहत
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अधिग्रहण के बाद मुआवजा मिलने की आस बंधी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कालका-शिमला फोरलेन के कैथलीघाट से ढली तक निर्माण कार्य की जद में आए मकानों और छूट गई जमीनों का (एनएचएआई) नेशनल हाईवे अथॉरिटी अधिग्रहण करेगी। इससे कई परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
फोरलेन के निर्माण कार्य के कारण कैथलीघाट से ढली तक कई भवन और जमीनों को नुकसान पहुंचा है। हालत यह है कि कई मकान एक से डेढ़ साल पहले खाली करवा दिए थे लेकिन अभी तक न ही उनका अधिग्रहण हो सका था और न ही उनके नुकसान का मुआवजा प्रभावितों को मिला। ऐसे में कई परिवार अपना घर होते हुए भी किराये के मकान में रहने को मजबूर थे। हालांकि कई मामलों में एनएचएआई की ओर से लोगों को किराये का भुगतान भी किया जा रहा था। इसके बावजूद लोगों के बेघर होने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। भट्ठाकुफर में फोरलेन की जद में आने के बाद एक बहुमंजिला मकान जमींदोज हो गया था। साथ ही कई मकानों को गिरने का खतरा देखते हुए खाली करवाया था।
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मामला तूल पकड़ने के बाद प्रदेश सरकार ने फोरलेन में लोगों की संपत्तियों को होने वाले नुकसान को लेकर जिला प्रशासन की देखरेख में समितियों का गठन किया। इसके बाद दोनों टीमों ने भट्ठाकुफर और कैथलीघाट से लेकर ढली तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इसमें पाया गया की करीब 11 जगह रिहायशी क्षेत्र फोरलेन निर्माण के कार्य खतरे की जद में हैं। प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद भट्ठाकुफर में बहुमंजिला भवन जमींदोज होने और अन्य घरों को खतरा होने के मामले में मुआवजे की रिपोर्ट बनाकर एनएचएआई को सौंपी थी। इसके बाद एनएचआई और संबंधित कंपनी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और उनकी समस्याओं को सुना।




शोघी में डेढ़ साल से मकान खाली, नहीं मिली मदद
शोघी पंचायत में समस्याओं को सुनने के बाद कई मकानों के खतरे की जद में आने के बारे में लोगों ने अवगत करवाया। फोरलेन के पानी से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। पंचायत में केवल राम नाम के व्यक्ति का घर डेढ़ साल पहले असुरक्षित घोषित करने पर खाली करवाया दिया था लेकिन उनके भवन का आज तक अधिग्रहण नहीं किया है। आनंदपुर पंचायत में एक व्यक्ति भी अपनी जमीन को लेकर धक्के खा रहा था। दस्तावेजों में उनकी जमीन नहीं मिल रही। ढली की चलौंठी पंचायत में भी कांता ठाकुर को करीब डेढ़ साल पहले खतरे की जद में आने के कारण अपना मकान खाली करना पड़ा था। चलौंठी में रहने वाले चमन नेगी का मकान भी कई महीने पहले खाली करवाया दिया था। इस वजह से किरायेदारों के साथ ही मकान मालिक भी किराये का मकान लेकर दूसरी जगह रहने को मजबूर थे। एनएचएआई के इस निर्णय से अब इस तरह के कई परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे मामलों को प्रस्ताव बनाकर संबंधित एसडीएम को भेजा जाएगा और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को उचित मुआवजा मिलेगा।
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कोट

फोरलेन की जद में आने के बाद जिन घरों को खतरे के चलते खाली करवाया था उनके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावितों की हर संभव मदद करने के लिए प्राधिकरण प्रयास कर रहा है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर संबंधित एसडीएम को भेजे जाएंगे। आगामी कार्रवाई वहां से ही पूरी होगी।
-आनंद कुमार दहिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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