कोरोना के कारण धीमी पड़ी शिमला-धर्मशाला फोरलेन को धरातल पर उतारने की कवायद में अब तेजी आने लगी है। ट्रैफिक के ज्यादा दबाव के कारण नौणी से शालाघाट तक 35 किलोमीटर लंबे पैकेज को एनएचएआई ने फोरलेन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए इस पैकेज नंबर 2 के सर्वे का काम शुरू हो गया है। छह पैकेज वाले इस फोरलेन को केंद्र सरकार ने करीब 8500 करोड़ का बजट रखा है, लेकिन अब इसकी लागत और भूमि अधिग्रहण पर ज्यादा खर्च आ सकता है।
223 किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग के बनने से इसकी करीब 43 किलोमीटर की दूरी कम होने का अनुमान है। हालांकि, एनएचएआई ने 2019 में सभी पैकेज का फोरलेन बनाने का सर्वे दिल्ली मुख्यालय भेज दिया था, लेकिन बाद में डबल लेन की सर्वे रिपोर्ट भेजी गई थी। बिलासपुर के कोठीपुरा में बन रहे एम्स और दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री व बागा में अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की वजह से ज्यादा ट्रैफिक दबाव के कारण इस पैकेज को फोरलेन बनाने निर्णय लिया गया है।
इस पैकेज में फोरलेन के लिए 35 से 45 मीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे इस सड़क की दूरी कम होगी। इससे आगे के पैकेज को एनएचएआई डबल लेन ही बनाएगा। इसके बारे में मटौर-शिमला फोरलेन के परियोजना निदेशक विक्रम मीणा ने बताया कि नौणी-शालाघाट पैकेज 2 को एनएचएआई ने फोरलेन बनाने को प्लान किया है। इस पैकेज में ट्रैफिक का दो सीमेंट फैक्ट्रियों और बिलासपुर के कोठीपुरा में बन रहे एम्स के कारण ट्रैफिक का ज्यादा दबाव रहेगा। इसके लिए सर्वे का कार्य शुरू कर जल्द इसे पूरा कर दिया जाएगा।