पर्यावरण संवेदी क्षेत्र में ट्रैफिक को नियंत्रित करने और वाहनों का दबाव कम करने के लिए पलचान से रोहतांग दर्रा तक रोप-वे का निर्माण हो या सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन और ठोस कचरे का संग्रहण व प्रबंधन हो या फिर व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का आदेश सभी मुद्दों पर एनजीटी ने सरकार से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने ही सभी आदेशों की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार हफ्तों की मांग की थी। 2014 से चल रहे रोहतांग मामले में 18 दिसंबर 2016 को एनजीटी ने विस्तृत फैसला सुनाया था। इनका अनुपालन अभी तक नहीं हो पाया है। सरकार की ओर से इस मामले में न तो अनुपालन की स्पष्ट स्थिति रिपोर्ट दाखिल हुई है।