राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ तहसील स्थित पलासरा गांव में संचालित एक औषधि निर्माण इकाई किइनवान प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कथित पर्यावरणीय उल्लंघनों के मामले में नोटिस जारी किया है। यह मामला पर्यावरणीय मानकों के पालन, जल स्रोतों की सुरक्षा और औद्योगिक प्रदूषण से जुड़ा होने के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दायर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) प्राप्त करने के दौरान अपने फॉर्म-II में गलत जानकारी दी। आवेदन के अनुसार कंपनी ने दावा किया था कि इकाई से कोई अपशिष्ट जल उत्पन्न नहीं होगा और उसके आसपास कोई जल स्रोत नहीं है, जबकि चिकनी खड्ड, जो सरसा नदी की सहायक धारा है, इकाई के समीप स्थित है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (Zero Liquid Discharge) इकाई होने के बावजूद कंपनी द्वारा कथित रूप से अपशिष्ट जल और रासायनिक कचरे का अवैध रूप से चिकनी खड्ड में निर्वहन किया जा रहा है। इसके अलावा विषैले अपशिष्ट जल के निस्तारण, स्वीकृत एक बोरवेल के स्थान पर छह बोरवेल से भूजल दोहन, मछलियों की मौत और आसपास के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
आवेदकों ने अधिकरण को बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले कंपनी को क्लीन चिट दी थी, लेकिन बाद में कथित उल्लंघनों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया। उनका कहना है कि इस नोटिस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अपने दावों के समर्थन में आवेदकों ने दस्तावेज, समाचार रिपोर्ट और फोटोग्राफ भी अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने माना कि यह प्रकरण पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। इसके बाद अधिकरण ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए आवेदकों को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से कम-से-कम एक सप्ताह पहले नोटिस की तामील का शपथपत्र दाखिल करें।
यह आदेश 31 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने मूल आवेदन संख्या 446/2026 (धर्मिंदर सिंह एवं अन्य बनाम किइनवान प्रा. लि. एवं अन्य) में पारित किया। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर 2026 को निर्धारित की गई है।