जयराम ठाकुर बोले- डॉ. वाईएस परमार ने रखी हिमाचल के विकास की नींव
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान और विकास की मजबूत नींव डॉ. परमार ने रखी थी। उन्होंने कहा कि समय लगातार आगे बढ़ता है, लेकिन यह याद रखना भी जरूरी है कि प्रदेश की विकास यात्रा कहां से शुरू हुई और उसे आकार देने में किन नेताओं की क्या भूमिका रही।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आयोजित जयंती समारोह के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि डॉ. परमार ने अलग पहाड़ी राज्य के रूप में हिमाचल की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया। प्रदेश के गठन के समय संसाधन बेहद सीमित थे और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन उन्होंने कठिन हालात में भी विकास की दिशा तय की। वे कई क्षेत्रों में पैदल पहुंचकर लोगों से संवाद करते थे और उनकी समस्याओं को समझते थे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब योजना निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने डॉ. परमार से प्रदेश की सबसे बड़ी आवश्यकता पूछी थी, तो उन्होंने स्पष्ट कहा था कि हिमाचल को "सड़क, सड़क और सड़क" चाहिए। उनका मानना था कि सड़क संपर्क ही पहाड़ी राज्य के विकास की असली रीढ़ है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के अधिकांश गांव सड़क नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और यह डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि समय के साथ हिमाचल का सकल घरेलू उत्पाद बढ़ा है, साक्षरता दर में सुधार हुआ है और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा अभी भी जारी है और प्रदेश को आगे ले जाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
इस दौरान उन्होंने जयंती समारोह के स्वरूप को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले डॉ. परमार की जयंती का कार्यक्रम पीटरहॉफ, शिमला में भव्य स्तर पर आयोजित होता था, लेकिन अब इसका स्वरूप छोटा कर दिया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को पहले की तरह व्यापक बनाया जाए।
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में दिखाई जाने वाली डॉक्यूमेंट्री में केवल डॉ. परमार और वर्तमान दौर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को भी स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करेगी।