डॉ. राजीव बिंदल, सिद्धार्थन।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के चार महीने बाद प्रदेशाध्यक्ष और संगठन महामंत्री को बदलकर भाजपा दो चुनाव को फतह करना चाह रही है। नगर निगम शिमला के चुनाव ही नहीं बल्कि अगले लोकसभा चुनाव के लिए भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. राजीव बिंदल पर भरोसा जताया है। डॉ. बिंदल बेशक इस बार नाहन से बदली सियासी परिस्थितियों में अपना ही चुनाव हार गए, मगर उनके राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो उन्हें हर गेम को अपने फेवर में करने की महारत रही है।
इसी तरह से भाजपा ने संगठन महामंत्री पवन राणा को बदलकर दिल्ली से सिद्धार्थन को बुलाकर उन्हें यह कमान दी है। दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद सिद्धार्थन को अब शिमला में चुनौतियों का पहाड़ चढ़ना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद सोलन का अध्यक्ष बनकर तेजी से सक्रिय राजनीति में आए डॉ. राजीव बिंदल को स्थानीय निकायों के चुनाव की अच्छी समझ है। पिछली बार वीरभद्र सरकार में डॉ. राजीव बिंदल को नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए प्रभारी बनाया गया था।
उस वक्त डॉ. बिंदल ने सियासी सूझबूझ के साथ यहां पर भाजपा का नगर निगम बनाने में कामयाबी हासिल की थी। अब फिर से उन पर यह भरोसा जताया गया है कि सत्तासीन कांग्रेस की चुनौती को स्वीकार करते हुए वह फिर से इसी रणनीतिक समझ का परिचय दें। नगर निगम शिमला के चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल की जीत अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भी एक सियासी संदेश की तरह होगी।
कई नेताओं को अखरते रहे राणा, नड्डा ने राष्ट्रीय राजनीति में लाने की योजना के तहत दिल्ली बुलाया
हिमाचल प्रदेश में करीब एक दशक तक संगठन महामंत्री रहे पवन राणा राज्य में भाजपा के एक खेमे के कई नेताओं को अखरते रहे। पूर्व मंत्री एवं ज्वालामुखी के पूर्व भाजपा विधायक रमेश ध्वाला के तो वह कई बार निशाने पर रहे। मगर संगठन में उनकी गहरी पकड़ के चलते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा उनकी योग्यता का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजनीति में करना चाहते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें इसी योजना के तहत दिल्ली बुलाया गया है।