राजधानी शिमला के प्रतिबंधित मार्गों पर एक माह के भीतर एचआरटीसी टैक्सियां दौड़ती नजर आएंगी। इसका परिचालन एचआरटीसी प्रबंधन करेगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग की ओर से मानक तय कर दिए हैं।
बुधवार को परिवहन मंत्री जीएस बाली ने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। परिवहन मंत्री ने बताया कि शहर के 65 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को ही सीनियर सिटीजन माना जाएगा।
इनके लिए एचआरटीसी की ओर से 300 रुपये का पास जारी होगा। इसके जरिये सीनियर सिटीजन 30 बार यात्रा कर सकते हैं। यह पास एक माह, दो माह, तीन माह और छह माह के लिए बनेंगे। सीनियर सिटीजन के अलावा विकलांगों को भी ऐसी ही सुविधा दी जाएगी।
लेकिन महिलाओं और जवानों के लिए अलग मानक तय किए हैं। सीट खाली होने की स्थिति में जवानों और महिलाओं को ट्रैक्सी में बैठाया जा सकता है, लेकिन 20 रुपये किराया चुकता करना पड़ेगा। अब तक यह किराया महज 10 रुपये लिया जाता था, जबकि सब पर लागू था।