प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई पॉलिसी की अधिसूचना जारी कर दी है। वित्त विभाग ने शनिवार को आउटसोर्स कर्मियों के लिए वित्तीय नियम-2009 के तहत गाइडलाइन भी जारी कर दी है।
इसके तहत आउटसोर्स कर्मियों को विभागों की ओर से तय सभी सरकारी छुट्टियां मिलेंगी। मातृत्व और मेडिकल अवकाश के साथ ईएसआई और ईपीएफ देना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
कर्मचारियों की मानदेय वृद्धि का अधिकार संबंधित विभागों के पास रहेगा। जब भी राज्य सरकार न्यूनतम मानदेय बढ़ाएगी तो विभाग अपने स्तर पर इनके हित में निर्णय ले सकेंगे।
हालांकि, मानदेय वृद्धि और नौकरी से निकाले जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। एक सप्ताह पहले ही कैबिनेट बैठक में पॉलिसी का ब्लू प्रिंट भी रखा गया था। आउटसोर्सिगिं के तहत प्रदेश में 35 हजार कर्मचारी तैनात हैं।
यह लाभ भी मिलेंगे
- एक साल में छह मेडिकल छुट्टियां मिलेंगी
- मुख्यालय के बाहर प्रदेश में ड्यूटी पर 130 और प्रदेश से बाहर 200 रुपये दैनिक भत्ता मिलेगा
- चेक से भुगतान, नियमों का पालन न करने पर ठेकेदार पर कार्रवाई का प्रावधान