हिमाचल प्रदेश नर्सिस काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए नर्सों को नई तिथि घोषित की है। 10 नवंबर तक काउंसिल में आकर आधार रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश नर्सिस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की रजिस्ट्रार कौशल्या चौधरी ने कहा कि हिमाचल में अभी भी दस फीसदी नर्सिस ने आधार रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। सौ फीसदी रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद ही नर्सिस को नर्सिस एनयूआईडी (यूनिक आईडी नंबर) मिलेगा।
दावा किया जा रहा है कि इन नंबरों को पोस्ट करने के लिए काउंसिल की ओर दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की गई है। अगर बाकी के बचे कार्य भी जल्द पूरा होता है तो एक साथ नर्सिस को यूनिक आईडी नंबर जारी किए जाएंगे।
गौर रहे कि काउंसिल ने नर्सिस के आधार रजिस्ट्रेशन का काम जुलाई से शुरू किया था। हिमाचल के अलावा पंजाब, गुजरात में भी ये प्रक्रिया शुरू की गई थी। दावा किया जा रहा है कि हिमाचल में अन्य राज्यों की अपेक्षा काम बेहतर हुआ है।
90 फीसदी कार्य पूरा किया गया है। अब जो नर्सिस रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाई है, उन्हें दस नवंबर से पहले आईजीएमसी के नर्सिस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने का मौका दिया गया है। रजिस्ट्रेशन सुबह दस से शाम पांच बजे तक होगा।
कर्मियों का डाटा रहेगा मौजूद
ऑनलाइन एनरोलमेंट करने की एक वजह ये भी है कि गर्वनमेंट ऑफ इंडिया के पास रजिस्टर्ड नर्सिस कर्मियों का डाटा मौजूद रहेगा।
इन्हें करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
स्टाफ नर्सिस, मेट्रन, सिस्टर, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, वार्ड सिस्टर, हेल्थ सुपरवाइजर, एनएनएम, जीएनएम, एलएचवी, नर्सिंग कॉलेज की प्रशिक्षु और प्रशिक्षिकाएं शामिल होंगी।
यह लाने होंगे दस्तावेज
आधार कार्ड नंबर, आईडी कार्ड और दस्तावेज, दसवीं और जमा दो के सर्टिफिकेट, उच्च शिक्षा दस्तावेज, बेसिक नर्सिंग क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट (एएनएम, जीएनएम, बीएससी, एलएचवी, आरएन, आरएम नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर) के अलावा जहां सेवाएं दे रहे हैं कि पूरी जानकारी लानी होगी।