नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)
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हिमाचल प्रदेश में माफिया को संरक्षण देने के मामले में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में माफिया फलफूल रहा है। प्रदेश में सरेआम अवैध खनन माफिया सक्रिय है। स्वां नदी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन इस नदी से रेत के हजारों टिपर ले जाए जा रहे हैं। यह सब सरकार और पुलिस की संरक्षण में हो रहा है। पुलिस अगर चाहे तो इस नदीं से एक भी टिपर नहीं जा सकता है।
एनजीटी को इसकी जानकारी है। ट्रिब्यूनल ने अवैध खनन पर रोक लगाई है लेकिन हिमाचल सरकार और पुलिस को मुंह के पास अवैध खनन का पता नहीं चल रहा है। अग्निहोत्री ने पुलिस और प्रबंध संगठन को लेकर कटौती प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में दुष्कर्म के 1400 मामले सामने आए हैं। ऊना में अवैध पटाखा फैक्टरी सालों से चली रही, लेकिन सरकार को पता तक नहीं चला। जहरीली शराब पीकर हिमाचल में 7 लोगों की जानें चली गई। स्कूल के पास ठेके खोल दिए गए। लेकिन सरकार कुछ नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री सोमवार को कटौती प्रस्ताव पर जवाब देंगे।
खड्डों से गधों पर रेत लाने वालों के हो रहे चालान
कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी दूसरे को थप्पड़ मारता है, दूसरा लात मारता है। सरकार में यह सब चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल में पुलिस का भगवाकरण किया जा रहा है। किन्नौर में गधों के ऊपर रेता लाने पर चालान हो रहा है। ट्रैक्टर के चालान नहीं किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। हेल्पलाइन से हेल्प नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अफसर अरविंद दिग्विजय नेगी को एनआईए की टीम उठाकर ले गई। जगत नेगी इस मामले में जांच की मांग की है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश सिंघा ने भी कटौती प्रस्ताव पर हिमाचल सरकार को घेरा।