बैठक में नशे के खात्मे के लिए प्रयास और चरस खेती का क्या विकल्प हो आदि समस्याएं उठाई गईं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश भर में अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
आपदा से निपटने को होगा एसडीआरएफ का गठन
प्रदेश में भी एसडीआरएफ का गठन किया जा रहा है। डीजीपी मरडी ने कहा कि एसडीआरएफ के गठन से प्रदेश में होने वाली आपदा से जल्द निपटा जा कसेगा। कहा कि पुलिस बिन बुलाए शादियों और मेलों में जाएगी और लोगों को शराब न पीने के लिए जागरूक करेगी। शादियों, मेले में वे लोग बिलकुल शराब न पीएं, जो वाहन चलाते हैं। कहा कि मंडी जोन में कानून व्यवस्था पर अच्छा काम हुआ है। उन्होंने लोगों से 112 नंबर का प्रयोग कर लाभ उठाने की अपील की है।
गाड़ियों की तलाशी करना संभव नहीं
डीजीपी ने कहा कि नशे की तस्करी के लिए नाकों में सभी गाड़ियों की तलाशी करना संभव नहीं है। सूबे में जहां वाहनों की आवाजाही अधिक बढ़ रही है, ऐसे में एक गाड़ी की तलाश करने से लंबा जाम लग जाता है। पुलिस नशे पर नकेल कसने में समर्थ है और सख्ती से इस पर शिकंजा कसा जा रहा है। फिलहाल, भांग की खेती को व्यावसायिक तौर पर नहीं उगाया जा सकता है।