हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध 215 महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। एक जून से चल रही इस प्रक्रिया में करीब 1.3 लाख विद्यार्थी दाखिला लेंगे। यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की नई स्नातक संरचना में प्रवेश ले रहे हैं। इसमें छात्रों को नए विकल्प भी मिलेंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक प्रवेश होंगे। लगभग 75 से 80 हजार विद्यार्थी इन संकायों में दाखिला ले सकते हैं। बीकॉम में 10 से 12 हजार, जबकि बीसीए और बीबीए जैसे पाठ्यक्रमों में 8 से 10 हजार विद्यार्थियों के प्रवेश का अनुमान है। बीएड कॉलेजों में 7 से 8 हजार विद्यार्थी दाखिला लेंगे।
एलएलबी, नर्सिंग, पैरामेडिकल और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 20 से 25 हजार छात्रों के प्रवेश की उम्मीद है। नई शिक्षा नीति के कारण विषय चयन में अधिक लचीलापन आया है। बहुविषयक अध्ययन से कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ सकती है। प्रवेश प्रक्रिया में अब छात्रों को पाठ्यक्रम और शैक्षणिक मार्ग चुनने की चुनौती है। स्नातक स्तर पर शोध संस्कृति विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम छात्रों को शोध परियोजनाओं से जोड़ेंगे। यह सुविधा आवश्यक शैक्षणिक मानकों वाले विषयों में उपलब्ध होगी। विभाग का मानना है कि इससे स्नातकोत्तर पढ़ाई का आधार मजबूत होगा।
नए प्रावधान और विकल्प
नई व्यवस्था में विषय चयन, क्रेडिट अर्जन और शोध आधारित शिक्षा शामिल है। महाविद्यालयों में विषयों का पुनर्गठन और युक्तिकरण भी किया गया है। इससे छात्रों को पहले से अधिक अकादमिक विकल्प मिल रहे हैं। ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रमों के लिए अलग मानदंड तय हुए हैं। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट जैसी व्यवस्थाएं छात्रों को लचीलापन देंगी।