फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के 215 कॉलेजों में एनईपी के तहत हो रहे दाखिले, छात्रों को मिलेंगे नए विकल्प

Sun, 07 Jun 2026 10:58 AM IST
Ankesh Dogra हर्षित शर्मा, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध 215 महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत इस वर्ष करीब 1.3 लाख विद्यार्थियों के दाखिले होने की संभावना है। नई व्यवस्था में छात्रों को विषय चयन, क्रेडिट अर्जन, ऑनर्स विद रिसर्च और बहुविषयक अध्ययन जैसे कई नए विकल्प उपलब्ध होंगे। पढे़ं पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध 215 महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। एक जून से चल रही इस प्रक्रिया में करीब 1.3 लाख विद्यार्थी दाखिला लेंगे। यह पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की नई स्नातक संरचना में प्रवेश ले रहे हैं। इसमें छात्रों को नए विकल्प भी मिलेंगे।

विज्ञापन


शिक्षा विभाग के अनुसार बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक प्रवेश होंगे। लगभग 75 से 80 हजार विद्यार्थी इन संकायों में दाखिला ले सकते हैं। बीकॉम में 10 से 12 हजार, जबकि बीसीए और बीबीए जैसे पाठ्यक्रमों में 8 से 10 हजार विद्यार्थियों के प्रवेश का अनुमान है। बीएड कॉलेजों में 7 से 8 हजार विद्यार्थी दाखिला लेंगे।

एलएलबी, नर्सिंग, पैरामेडिकल और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 20 से 25 हजार छात्रों के प्रवेश की उम्मीद है। नई शिक्षा नीति के कारण विषय चयन में अधिक लचीलापन आया है। बहुविषयक अध्ययन से कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ सकती है। प्रवेश प्रक्रिया में अब छात्रों को पाठ्यक्रम और शैक्षणिक मार्ग चुनने की चुनौती है। स्नातक स्तर पर शोध संस्कृति विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम छात्रों को शोध परियोजनाओं से जोड़ेंगे। यह सुविधा आवश्यक शैक्षणिक मानकों वाले विषयों में उपलब्ध होगी। विभाग का मानना है कि इससे स्नातकोत्तर पढ़ाई का आधार मजबूत होगा।
विज्ञापन


नए प्रावधान और विकल्प
नई व्यवस्था में विषय चयन, क्रेडिट अर्जन और शोध आधारित शिक्षा शामिल है। महाविद्यालयों में विषयों का पुनर्गठन और युक्तिकरण भी किया गया है। इससे छात्रों को पहले से अधिक अकादमिक विकल्प मिल रहे हैं। ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रमों के लिए अलग मानदंड तय हुए हैं। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट जैसी व्यवस्थाएं छात्रों को लचीलापन देंगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें