बाजारों से खरीदारी करने के लिए मजबूर हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के राशन डिपुओं में सरसों तेल और चीनी का कोटा खत्म हो गया है। राशन डिपो पर जब मंगलवार को लोग खरीदारी के लिए आए तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। मजबूरन लोगों को लोहड़ी पर बाजारों से महंगी दरों पर चीनी और सरसों तेल की खरीदारी करनी पड़ी।
शहर में 25 हजार के करीब राशन उपभोक्ता हैं। यह उपभोक्ता हर महीने 50 से अधिक राशन डिपो से सब्सिडी पर आटा, चावल, चीनी, नमक और दालों की खरीदारी करते हैं लेकिन जनवरी आधा बीतने से पहले ही डिपो में जरूरी राशन खत्म हो गया है। त्योहारी सीजन में लोगों को सरसों तेल और चीनी न मिलने के कारण बाजारों से महंगी दरों पर खरीदारी के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शहर के डिपो में मंगलवार को भी जब राशन खरीदने आए तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। स्थानीय निवासी अनीता, हुकम चंद, विनीत और विवेक ने बताया कि महंगाई ने पहले ही कमर तोड़ कर रखी है। ऐसे में डिपुओं में चीनी और तेल जैसे खाद्य पदार्थों के खत्म होने से त्योहार भी फीके हो गए हैं। हालांकि इस दौरान जब लोगों ने संचालकों से पूछा कि कब तक सप्लाई आएगी को स्पष्ट जवाब नहीं मिला। लेकिन कुछेक संचालकों ने बताया कि गोदामों में आपूर्ति नहीं मिली है।
दूसरी ओर कुछेक डिपो में चीनी उपलब्ध थी। हालांकि संचालकों ने कहा कि यह कोटा भी केवल एक दिन में ही खत्म हो जाएगा।
मांग 600 क्विंटल चीनी की, मिली 300
शहर के लिए चीनी की मांग 600 क्विंटल की है लेकिन आपूर्ति 300 क्विंटल की हुई है। इस कारण शहर के सभी लोगों को चीनी नहीं मिल पाई और अब लोगों को बाजारों से 55 रुपये प्रतिकिलो की दर से चीनी की खरीदारी करनी पड़ रही है। राशन डिपो में एपीएल को 33 रुपये प्रतिकिलो की दर से चीनी उपलब्ध करवाई जा रही है।