एमडी की परीक्षा में उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंधेरी के दावथल गांव की नेहा चौहान ने 158वां रैंक हासिल किया है। नेहा चौहान ने इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है। उनके पिता हरिचंद चौहान ने बताया कि नेहा बचपन से ही चिकित्सक बनना चाहती थीं, उसकी लगन वह मेहनत ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांसगिरि इलाके की बेटी का अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के लिए चयन हुआ है। हाल में आयोजित एमडी की परीक्षा में उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंधेरी के दावथल गांव की नेहा चौहान ने 158वां रैंक हासिल किया है। गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएएमएस कर चुकीं नेहा की प्रारंभिक शिक्षा संगड़ाह और बोरली गांव के सरकारी विद्यालयों के अलावा दून वैली पब्लिक स्कूल पांवटा में संपन्न हुई। उनके पिता हरिचंद चौहान लोक निर्माण विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं।
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माता इंदिरा चौहान जमा दो विद्यालय लुधियाना में बतौर प्रवक्ता कार्यरत हैं। गौरतलब है कि गत वर्ष नेहा के एक भाई का इसरो के लिए बतौर साइंटिस्ट चयन हो चुका है। दूसरा भाई लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत है। नेहा चौहान ने इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है। उनके पिता हरिचंद चौहान ने बताया कि नेहा बचपन से ही चिकित्सक बनना चाहती थीं, उसकी लगन वह मेहनत ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।