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हिमाचल: लाखों रुपये से बने पानी के टैंकों में उग आए लापरवाही के पेड़, विभाग करेगा जांच

Fri, 07 Nov 2025 10:44 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए पानी के टैंकों के अंदर विभाग की लापरवाही से पेड़ और झाड़ियां उग आईं। 
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पानी के टैंकों में उग आए लापरवाही के पेड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जनता के लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए पानी के टैंकों के अंदर विभाग की लापरवाही से पेड़ और झाड़ियां उग आईं। कई वर्षों से इन टैंकों में पानी नहीं पहुंचाया जा सका तो ये उपेक्षित पड़े रहे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उप मुख्यमंत्री कार्यालय, जलशक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता और एसडीएम ठियोग से की। अब इसकी जलशक्ति विभाग जांच करेगा। प्रदेश में जलशक्ति विभाग में एक अनोखा मामला सामने आया है।

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ठियोग और कोटखाई की सीमा पर लाखों रुपये की लागत से बने पेयजल टैंक अब जर्जर हालत में हैं। बड़े टैंक के अंदर तो पाजे के पेड़ उग आए हैं। जिम्मेदार फील्ड अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह टैंक उपेक्षित रहे। इन तक पानी तो वर्षों से नहीं पहुंचा। इनकी मरम्मत भी नहीं की गई। वहीं, इन टैंकों के ठीक नीचे बसा सांबर गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता अमित मेहता और अन्य ग्रामीणों ने यह शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा को भी इसी संबंध में एक औपचारिक शिकायत भेजी गई है।

एसडीएम ठियोग के ध्यान में मामला लाया गया तो उन्होंने भी अपने स्तर पर अधिकारियों से बात की है। ठियोग और कोटखाई की सीमा पर स्थित सांबर और ब्यौण गांव के बीच स्थित यह टैंक पंचायत क्यार, कलींड और देवगढ़ की सीमा पर बने हैं। इनमें एक टैंक करीब 20 हजार लीटर की क्षमता का बताया जा रहा है तो दो अन्य टैंक पानी को फिल्टर करने के लिए बनाए गए हैं। योजना का नाम मनलोग नाला से सांबर ग्रेविटी पेयजल स्कीम है, जो क्यार और कलींड के लोगों को पानी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। पांच-छह साल पहले तक इसमें पानी आता था। 
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प्रदेशभर में 800 योजनाएं रखरखाव की कमी से प्रभावित
प्रदेश में जलशक्ति विभाग की कुल छोटी-बड़ी करीब 10 हजार से अधिक पेयजल और सिंचाई योजनाएं हैं, जिनमें से लगभग 800 योजनाएं रखरखाव की कमी से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी मरम्मत नहीं किए जाने से गर्मियों में पेयजल संकट और गहराएगा। जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश हीरा ने कहा कि विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच करेगा। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का पता करेंगे। इसके बाद विभाग उचित कार्रवाई करेगा।
 
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