''बाप का जूता जब बेटे को आ जाए तो ज्यादा नहीं समझाते''। सोशल मीडिया पर पूर्व संसदीय सचिव नीरज भारती की टिप्पणी पर अपना पक्ष रखते हुए यह बात कृषि मंत्री चंद्रकुमार ने कही। शुक्रवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सबकी अपनी सोच है, आप सब जानते हैं, मैं और क्या टिप्पणी करूं। सरकार बदलने के बाद भी अधिकारियों को न बदलने पर नीरज भारती द्वारा उठाए सवाल पर उन्होंने कहा इस समय आपदा पर सरकार का ध्यान है। अधिकारियों की अदला बदली में नहीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्परता से काम करने के निर्देश दिए हैं। सभी विधायक मुख्यमंत्री के खास हैं। सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा के सोशल मीडिया पर दिए बयान पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई प्रतिबंध नहीं है, यह दिल की बात रखने का माध्यम है। मैं सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता हूं। ट्रांसफर इंडस्ट्री पर अंकुश लगाना जरूरी है।
ट्रांसफर पालिसी कई बार लाई गई लेकिन हम ही इसे लागू नहीं होने देते। ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर की ओर से यह कहना की सरकार में संगठन के लोगों को सम्मान नहीं मिल रहा पर चंद्र कुमार ने कहा कि लोगों ने विधायक बनाया है। लोगों को फोन सुनो, उनके काम लेकर मुख्यमंत्री के पास आओ, मुख्यमंत्री निराश नहीं करेंगे। चुने हुए विधायक का अपना महत्व है, मैं लंबे समय तक विधायक रहा हूं। मंत्रिमंडल विस्तार और निगमों व बोर्डों में तैनाती पर उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार की पहली प्राथमिकता आपदा से जूझ रहे लोगों को राहत देना है। दावेदार धैर्य रखें समय आने पर मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे। आपदा पर विशेष सत्र बुलाने की मांग पर बोले, सत्र बुलाने से आपदा खत्म नहीं होगी। सितंबर के पहले हफ्ते में सत्र हो सकता है, वहां आपदा पर चर्चा करेंगे। भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में भाजपा मुंह की खाएगी। जब भाजपा सत्ता में थी तो डबल इंजन का राग अलापती थी लेकिन कभी प्रधानमंत्री से प्रदेश के लिए स्पेशल पैकेज नहीं मांगा।