वर्तमान एक्ट के तहत मादक पदार्थ की मात्रा को व्यावसायिक और गैर व्यावसायिक श्रेणी में बांटा गया है। किसी भी मादक पदार्थ की व्यावसायिक मात्रा मिलने पर ही जमानत नहीं मिलने का प्रावधान है।
इसी प्रावधान का अपराधी फायदा उठाते हुए गैर व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी कर उसे आम लोगों को बेचते हैं। लंबे समय से सरकार और पुलिस विभाग भी इस व्यवस्था को खत्म करने की बात कर रहा है।
सत्तासीन होने के बाद से ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बढ़ते नशे पर लगाम लगाने के लिए गंभीर हैं। चूंकि एनडीपीएस एक्ट केंद्रीय एक्ट है, ऐसे में विधि विभाग और राज्य कर एवं आबकारी विभाग संशोधन बिल लाने को लेकर हर कानूनी पहलू पर जांच परख कर रहे थे।
इस एक्ट में राज्य सरकार संशोधन बिल ला सकती है। इसके बाद अब बिल को विधानसभा में पेश किया जाएगा और वहां से पास होने के बाद यह नहीं व्यवस्था लागू हो जाएगी।