उल्लेखनीय है कि अंशकालीन जलवाहकों को 10 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दैनिक भोगी बनाया जाता है। दैनिक भोगी बनने के बाद उन्हें राज्य सरकार की ओर से बनाई गई नियमितीकरण की नीति के मुताबिक नियमित किया जाता है।
उन्हें 10 वर्ष तक दैनिक भोगी बनने के लिए 10 साल बतौर अंशकालीन कार्य करना पड़ता है, जबकि उनकी तरह दैनिक भोगी के तौर पर कार्य करने वालों को नियमितीकरण की नीति के मुताबिक वर्तमान समय में 5 वर्षों बाद नियमित किया जाता है। न्यायालय ने इन सभी तथ्यों के दृष्टिगत राज्य सरकार को इस बाबत अपना स्पष्टीकरण देने के आदेश जारी किए हैं।