सालों के अनुसंधान के बाद नौणी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग ने सोलन मिर्च की ओपन पोलिनेटिड वैरायटी को तैयार किया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और खून की कमी भी दूर होगी।
इसमें इंडोल थ्री कारबोनाइट भी पाया जाता है, जो लीवर के रोगियों के लिए उपयोगी है। यह एंटी ऑक्सिडेंट का कार्य भी करता है, जो लिवर को साफ रखने में मददगार होता है। त्वचा के डेड सेल को भी रिप्लेस करती है।
किसानों को आवंटित किया बीज
किसानों के लिए नौणी विवि ने इस बीज को आवंटित कर दिया है। अप्रैल में इसकी रोपाई की जाती है। सबसे अधिक जिला सोलन में इसकी पैदावार है, जबकि सिरमौर, शिमला, चंबा, मंडी सहित अन्य क्षेत्रों के किसान भी इसकी रोपाई कर रहे हैं। इसे किचन गार्डन में भी उगाया जा सकता है। खुद किसान इसका बीज तैयार कर सकते हैं। इसकी खेती पोली हाउस में भी की जा सकती है।
सब्जी विभाग अध्यक्ष एके शर्मा ने बताया कि सोलन भरपूर मिर्च स्पार्कलिंग ग्रीनिश कलर की होगी। यानी आम शिमला मिर्च से अधिक चमकीली और रसदार।
एक हेक्टेयर भूमि में अन्य 500 ग्राम बीज की जरूरत होती है जिसमें करीब 300 क्विंटल की पैदावार किसान आसानी से ले सकते हैं। वहीं, एक हेक्टेयर भूमि में शिमला मिर्च 100 से 150 क्विंटल तक ही तैयार होती है।