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15 सवाल खोलेंगे अब आपकी सेहत का राज, घर-घर जाकर होगा सर्वेक्षण

Mon, 30 Apr 2018 01:30 PM IST
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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आपके स्वास्थ्य को जांचने के लिए अब आपसे पंद्रह सवाल पूछे जाएंगे। इन 15 प्रश्नों के जवाब ही आपकी ‘सेहत’ के तमाम राज खोल देंगे। तीस वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग के सभी लोगों से अलग-अलग आशा वर्कर घर-घर जाकर ये सवाल करेंगी। इन सवालों के जवाब निर्धारित प्रपत्र में भरे जाएंगे। इससे डायबिटीज, हाइपर टेंशन, ओरल कैंसर, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर व सरवाइकल कैंसर जैसी बीमारियों का प्रारंभिक दौर में पता लगाकर समय पर इनका इलाज किया जा सकेगा।

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केंद्र सरकार के एनसीडीएस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में यह सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। चिकित्सकों की मानें तो डायबिटीज और हाइपर टेंशन ही तमाम बीमारियों की जड़ हैं। ये साइलेंट बीमारियां हैं। इनका तभी पता चलता है, जब बीमारी लीवर, किडनी आदि को नुकसान पहुंचा चुकी होती है। लिहाजा, प्रारंभिक चरण में इन बीमारियों का पता लगाने के लिए यह योजना कारगर होगी।

आशा वर्कर के सवालों के जवाबों के आधार पर यदि संबंधित व्यक्ति में किसी बीमारी की आशंका होती है तो उसे सब सेंटर भेजा जाएगा। जहां पर उसका रक्तचाप एवं शूगर टेस्ट मुफ्त होगा। रिपोर्ट में बीमारी की आशंका होने पर उसके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टेस्ट होंगे।
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कोई भी बीमारी सामने आने पर उसका समय पर इलाज हो सकेगा। आशा वर्कर को केंद्र की ओर से इस सर्वे के लिए इन्सेंटिव भी दिया जा रहा है। प्रति फॉरमेट आशा वर्कर को दस रुपये का भुगतान होगा। सीएमओ डॉ. संजय शर्मा एवं परियोजना अधिकारी डॉ. विनोद ने बताया कि सिरमौर में सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसमें लोगों को भी सहयोग करना होगा।

ये प्रमुख सवाल पूछे जाएंगे आपसे
- क्या आप या आपके घर में कोई धूम्रपान करता है?
- आप प्रतिदिन हरी सब्जी कितनी बार खाते हैं?
- भोजन में नमक तेज या मीठा ज्यादा खाते हैं?
- शरीर में लंबे समय से न भरने वाला कोई छाला या घाव है?
- शरीर में कहीं गांठ या गिल्टी तो नहीं है? 
- आपको सांस फूलने या बलगम में खून आने की दिक्कत तो नहीं? 
- इसके अलावा महिलाओं से भी अलग से सवाल पूछे जाएंगे।

तीस साल से ज्यादा उम्र के जितने भी लोग हैं, उनका सर्वेक्षण किया जा रहा है। इससे बीमारियों का पता चलेगा और उसके आधार पर उनका इलाज होगा। यह सर्वे पूरे प्रदेश में हो रहा है। -पंकज राय, स्वास्थ्य सचिव

उपस्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी में मिलेगी हाइटेक सुविधा 
हरीश चंद्र, धर्मशाला। 
आयुष्मान भारत मिशन के तहत देश के 1.5 लाख उपस्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (एचडब्ल्यूसी) में तबदील होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कवायद शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के हर स्वास्थ्य विभाग से अपने-अपने प्रदेश के उपस्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सूची केंद्र सरकार को भेजने की हिदायत दी है, जिन्हें एचडब्ल्यूसी के तहत हाइटेक किया जाएगा।  

एचडब्ल्यूसी में होंगी ये सुविधाएं - स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में उपस्वास्थ्य केंद्रों और पीएचसी से अधिक सुविधा रहेगी। एचडब्ल्यूसी में संक्रामक रोगों के प्रबंधन, सामान्य बाहरी मरीजों के उपचार की सुविधा, गैरसंक्रामक रोगों की जांच की व्यवस्था, महिलाओं की गर्भावस्था और बच्चे की देखभाल करने, नवजात और शिशु स्वास्थ्य के उपचार करने, बचपन और किशोर स्वास्थ्य उपचार, परिवार नियोजन और प्रजनन स्वास्थ्य का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा अन्य छोटे टेस्ट के सैंपलों की जांच करने की सुविधा रहेगी।  

ग्रामीण क्षेत्रों को दी जाएगी प्राथमिकता- स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को विकसित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगा। इससे गांव के लोगों को घर-द्वार बेहतर सुविधा मुहैया होगी। जोनल अस्पताल, नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उपस्वास्थ्य केंद्रों को एचडब्ल्यूसी में तब्दील किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत उपस्वास्थ्य केंद्रों और पीएचसी को स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में तबदील किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों की सूची मांगी है। यह जल्द भेजी जाएगी।

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