एनजीटी ने आदेश के बावजूद दो महीनों में कुल्लू-मनाली में सभी होटलों की जांच पूरी न होने पर हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब किया है। पीठ ने कहा कि दो महीने की मोहलत के बावजूद प्राधिकरणों ने आदेश का पालन नहीं किया और अब फिर से मोहलत मांगी जा रही है।
ऐसे में अब खुद मुख्य सचिव को 19 सितंबर को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होकर जवाब देना होगा। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता रमेश चंद के मामले में यह आदेश दिया है।
पीठ ने 16 जुलाई और 18 जुलाई को भी सरकार को साफ कहा था कि कुल्लू-मनाली में होटलों की जांच के लिए दो महीनों से अधिक का वक्त नहीं दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि टुकड़ों में रिपोर्ट देने के बजाय प्राधिकरण एक बार में ही स्पष्ट रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल करे।
पीठ ने पहले कहा था कि किसी भी तरह का सांविधानिक व कानूनी कर्त्तव्य निभाए बिना ही बार-बार तारीख मांगना कल्याणकारी राज्य का व्यवहार नहीं होना चाहिए। कल्याणकारी राज्य का पहला दायित्व है कि वह लोगों के स्वास्थ्य व जीवन को बेहतर बनाए न कि फंड या कर्मचारियों की कमी का बहाना।