हिमाचल सरकार ने नरेंद्र चौहान को नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त करने का फैसला ले लिया है। चौहान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। वे अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग के अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी और वित्तायुक्त अपील का कार्यभार भी देख चुके हैं।
इस पद के लिए चली लंबी जद्दोजहद के बाद राज्य सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए नरेंद्र चौहान के नाम पर सहमति बना ली। वीरवार को ही मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा राज्य सूचना आयुक्त के पद पर भी निर्णय ले लिया गया। सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन सुशील श्रीवास्तव सूचना आयुक्त होंगे। बीते दिन ही राजभवन शिमला से इन दोनों की नियुक्ति को मंजूरी मिली थी।
वीरवार को इन दोनों पदों पर तैनाती के लिए ओक ओवर शिमला में सीएम वीरभद्र सिंह और आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने बैठक की। उक्त पदों पर फैसला लेने को बनी तीन सदस्यीय हाई पॉवर कमेटी की बैठक में नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल भी बुलाए गए थे, मगर वे नहीं आए। सूत्रों ने बताया कि उनसे फोन पर संपर्क करने के बाद ये निर्णय ले लिया गया।
राज्य सूचना आयुक्त केडी बातिश सात जून को रिटायर हो गए थे। वे साल भर से आयोग के इकलौते आयुक्त थे। आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के दो पद सृजित किए गए थे। एक साल पहले राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन सेवानिवृत्त हो गए थे।
तबसे यह पद खाली पड़ा था। यह पद भरने के लिए लंबी कसरत करने के बाद भी मामला में अधर में लटका रहा। कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और सेवानिवृत्त अफसरों ने पद के लिए आवेदन कर रखा था।
एलएलएम हैं नए सीआईसी
नए मुख्य सूचना आयुक्त की शैक्षणिक योग्यता एलएलएम है। उन्होंने यूके से विकास अर्थशास्त्र की एमएससी भी की है। वे वित्तायुक्त अपील के पद पर पांच साल से अधिक समय तक तैनात रहे हैं। वे मूल रूप से जिला शिमला की कोटखाई तहसील के क्यारी क्षेत्र से संबंध रखते हैं।
आवेदकों में ये प्रमुख हस्तियां थीं शामिल
आवेदकों में राज्य लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष केएस तोमर, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त केडी बातिश, पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक ठाकुर, पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. पीसी कपूर, सीआईडी के एडीजीपी बीएनएस नेगी, पूर्व पुलिस अधीक्षक बलबीर ठाकुर, पूर्व सीजेएम ऊना राजेंद्र कुमार शर्मा और सेना प्रशिक्षण कमान शिमला के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल संजीव मधोक शामिल थे। एक आवेदन यूएसए से डॉ. सुब्रत कुमार और आरटीआई पर काम करने वाले देव आशीष भट्टाचार्य का भी था।