शिमला की ठियोग तहसील के मझोली गांव के निवासी 38 वर्षीय नरेश शर्मा 100वीं बार रक्तदान कर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। नरेश शर्मा ने 100वीं बार रक्तदान के लिए शिमला के आईजीएमसी अस्पताल को ही चुना।
वैसे हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल तक जाकर वह रक्तदान कर चुके हैं। नरेश परवाणू में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्हें विभिन्न संस्थाएं स्टार ब्लड डोनर समेत कई खिताब दे चुकी हैं। नरेश का कहना है कि रक्तदान से रक्तदाता अपना स्वास्थ्य बेहतर रख सकता है।
आज बेशक उनके रक्तदान का आंकड़ा 100 पार हो गया हो, मगर उनका मकसद आंकड़े की वृद्धि करना नहीं, बल्कि अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करना है। नरेश ने कहा कि शरीर नश्वर है, मगर उनका खून न जाने कितने लोगों की दिलों की धड़कन के साथ बह रहा है। इसी से उन्हें संतोष है।