भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद की दौड़ में अब मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र धर्माणी का नाम भी शामिल हो गया है। संघ से जुड़े कुछ प्रभावशाली नेताओं की ओर से महेंद्र धर्माणी का नाम भी हाईकमान को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए अब तक भेजे गए नामों से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। प्रदेश से नए नाम मांगे जा रहे हैं। धर्माणी के नाम की पैरवी में हिमाचल भाजपा का एक शक्तिशाली खेमा भी जुटा हुआ है।
हालांकि, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा आगे टाल दी गई है। यह घोषणा दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद भी हो सकती है। इसके बावजूद दिल्ली में इसके लिए कई नामों पर मंथन चला हुआ है। हाल ही में अध्यक्ष पद के लिए केंद्र को भाजपा नेताओं के पैनल में त्रिलोक जमवाल, रणधीर शर्मा, राम सिंह, राजीव भारद्वाज और त्रिलोक कपूर जैसे नाम बताए जा रहे हैं। इनके अलावा ब्रिकम सिंह, वीरेंद्र कश्यप, राकेश जमवाल जैसे नामों पर भी चर्चा चली हुई है।
इसी बीच यह भी चर्चा उठी है कि हाईकमान इन तमाम नेताओं के बजाय हिमाचल भाजपा के बडे़ नेता पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल को भी जिम्मेवारी दे सकता है। हालांकि, धूमल इसे सोशल मीडिया की चर्चा करार दे चुके हैं। यह भी बता चुके हैं कि इस बारे में कोई भी फैसला हाईकमान को करना है। इन तमाम चर्चाओं के बीच महेंद्र धर्माणी का नाम भी उछल आया है। धर्माणी सीएम जयराम ठाकुर के भरोसेमंद नेता हैं और बिलासपुर से ताल्लुक रखते हैं।
संगठन में काम करने का उनका लंबा अनुभव है। वह ब्राह्मण समुदाय से हैं। भाजपा इस बार अध्यक्ष पद पर इस जातीय कार्ड को भी खेल सकती है। सूत्रों की मानें तो संघ से जुड़े़ भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेता उन्हें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनाने की पैरवी में जुट गए हैं। शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व तक उनका नाम भी पहुंचा दिया गया है। धर्माणी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के भी गृह जिले से संबंध रखते हैं। उनके बारे में नड्डा की राय भी संतोषजनक बताई जा रही है। हालांकि, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती बार-बार कह रहे हैं कि इस बारे में हाईकमान को ही फैसला करना है।