मस्जिद को गिराने के आदेश दे चुकी है अदालत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के संजौली मस्जिद विवाद लगातार सुर्खियों में है। हिंदू संगठनों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी अपनी मांगों को लेकर जारी रहा वहीं दूसरी ओर मस्जिद में कुछेक लोग एक-एक करके नमाज अदा करने के लिए पहुंचे।
हालांकि करीब तीन हफ्तों से जुमे की सामूहिक नमाज मस्जिद में अदा नहीं हो पाई है। बावजूद इसके कुछ लोग नमाज अदा करने के लिए मस्जिद आ रहे हैं। इस दौरान संजौली और मस्जिद क्षेत्र में पुलिस तैनात की गई थी। 30 अक्तूबर को जिला अदालत ने नगर निगम शिमला के आयुक्त के फैसले को बरकरार रखते हुए मस्जिद की बाकी बची दो मंजिलों को भी दो महीने के भीतर गिराने का आदेश दिया है। इससे पहले भी मस्जिद की तीन मंजिलें गिराई जा चुकी हैं।
अदालत के आदेश के बाद 31 अक्तूबर को मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे और जुमे की नमाज अदा की थी। इसके बाद से हिंदू संघर्ष समिति ने निचली दो मंजिलों का बिजली-पानी काटने और नमाज रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है। 14 नवंबर को मस्जिद में नमाज पढ़ने पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद हिंदू संगठनों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। 21 नवंबर को संजौली थाने के पास चक्का जाम कर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हिंदू संगठनों से बातचीत की और अब 29 नवंबर को हिंदू संघर्ष समिति और प्रशासन के बीच निर्णायक बैठक होने वाली है। इसमें मस्जिद से जुड़े विवादों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मुस्लिम समुदाय की परेशानियां बढ़ीं
मुस्लिम समुदाय के लोग इस समय शुक्रवार की नमाज के लिए अन्य मस्जिदों में जा रहे हैं। इससे उन्हें कामकाज छोड़ना पड़ रहा है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने कहा कि मस्जिद में जुमे की नमाज न अदा होने से उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए जाना पड़ता है।
दोनों समुदाय में बढ़ रहा तनाव
संजौली मस्जिद विवाद के कारण दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और आगे की स्थिति प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगी। मुस्लिम समुदाय इस समय अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहा है, वहीं हिंदू संगठन मस्जिद के निर्माण और उसके संचालन से जुड़े अवैध पहलुओं को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। अब प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें लगी हुई हैं।