सिरमौर ट्रक यूनियन पांवटा ने डीजल के दाम कम होते ही माल भाड़े में कटौती कर दी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई और सिरमौर ट्रक यूनियन की संयुक्त बैठक में दोनों पक्षों में 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर/प्रति टन किराया घटाने पर सहमति बनी है। मालभाड़े की नई दरें सोमवार से लागू होंगी। रविवार को बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से एक्साइज ड्यूटी और वैट में कटौती के बाद डीजल पांच रुपये सस्ता होने पर यह निर्णय लिया गया है।
बंगलूरू के लिए अब 3600 और मुंबई के लिए 2550 रुपये कम मालभाड़ा लगेगा। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन में 1200 से अधिक छोटे-बड़े मालवाहक वाहन पंजीकृत हैं, जो हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली, हैदराबाद, बंगलूरू, जयपुर समेत देश के विभिन्न राज्यों में प्रतिदिन माल ढुलाई के लिए निकलते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर स्थित हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कार्यालय में हुई बैठक में हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, नवीन अग्रवाल, एनपीएस सहोता, अजय गुप्ता तथा सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन पांवटा से प्रधान बलजीत सिंह नागरा, यूनियन के चेयरमैन सोमनाथ शर्मा, उपाध्यक्ष जसमेर सिंह भूरा, सचिव कुलदीप खंडूजा, गुरपाल सिंह, भूपिंद्र सिंह और दाता राम शामिल रहे।
ट्रक यूनियन के प्रधान ने कहा कि डीजल के दाम कम होने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से भाड़े में कटौती की मांग उठाई थी। संयुक्त बैठक में आपसी सहमति से 1.50 रुपये प्रति टन/प्रति किलोमीटर मालभाड़ा कम कर दिया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल और सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन पांवटा के अध्यक्ष बलजीत नागरा ने यह जानकारी दी है।
पांवटा में अब ये होंगी नई दरें
स्टेशन पुराना भाड़ा नया भाड़ा
बंगलूरू 93800 90200
कोलकाता 67100 64550
मुंबई 65100 62550
अहमदाबाद 47500 45600
दिल्ली 16900 16500
दो बड़ी यूनियनें नहीं घटाएंगी मालभाड़ा
एशिया की सबसे बड़ी बरमाणा ट्रक यूनियन के महासचिव रजनीश शर्मा ने बताया कि अभी मालभाड़ा घटाने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। उधर, ट्रक यूनियन परवाणू के सलाहकार नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि फिलहाल मालभाड़े में कोई कटौती नहीं होगी। उन्होंने डीजल के दाम उछलने पर भाड़ा नहीं बढ़ाया था।
दाड़लाघाट और परवाणू में कम नहीं हुआ मालभाड़ा
अर्की (सोलन)। डीजल-पेट्रोल के दाम में पांच रुपये की कटौती के बावजूद ट्रक ऑपरेटरों ने अभी तक मालभाड़ा कम नहीं किया है। इस कारण लोगों को महंगाई से कोई राहत मिलती हुई नजर नहीं आ रही है। सरकार ने अपनी ओर से बेशक डीजल पेट्रोल की कीमतें कम कर दी हों लेकिन आम लोगों को उसका अभी तक कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
छोटी बड़ी मालवाहक गाड़ियों के किराये में भी कोई कटौती नहीं दिखाई दे रही है। बता दें कि क्षेत्र में दो सीमेंट के बड़े उद्योग हैं जिसमें हजारों की संख्या में ट्रक चलते हैं तथा यहां पर स्थित यूनियनों ने भी अभी तक किराये को लेकर कोई कटौती नहीं की है। सभा की ओर से यदि किराये को लेकर कटौती की जाती तो लोगों को भवन निर्माण सामग्री बनाने में भी काफी राहत मिल सकती थी।
हालांकि ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार आयदिन कभी तेल के दाम बढ़ा देती है तो कभी कटौती कर दी जाती है। जिसमें ज्यादातर सरकार द्वारा तेल के दाम बढ़ाए ही जाते रहे हैं। सोलन जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन अध्यक्ष रत्न मिश्रा ने मालभाड़े में कटौती न होने की पुष्टि की है। उधर, परवाणू यूनियन ने भी मालभाड़े में कटौती से इंकार किया है।