दोनों समुदायों ने की शांति बनाए रखने की अपील
वाल्मीकि समुदाय के विजय चोरियां और वार्ड नंबर 12 के पार्षद प्रदीप सहोत्रा ने बताया कि शुक्रवार को हुई घटना के बाद प्रशासन ने शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में शहर में शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आपसी सद्भाव बनाए रखने और स्थिति को सामान्य करने में जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
मिल-बैठकर सुलझाए जाएंगे मामले : गुरविंदर सिंह
सिख समुदाय के प्रतिनिधि गुरविंदर सिंह ने कहा कि नाहन शहर हमेशा से आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है। यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहार और जयंती मिल-जुलकर मनाते हैं। शुक्रवार को हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि बीती घटना को पीछे छोड़कर दोनों समुदायों को आपसी बातचीत के माध्यम से मामलों का समाधान करना चाहिए। भविष्य में शांति और भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को एक-दूसरे का सहयोग करना होगा।
नाहन की पहचान आपसी भाईचारा : अजय सोलंकी
नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने दोनों समुदायों के बीच हुई झड़प पर गहरा दुख जताया। उन्होंने शहरवासियों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नाहन हमेशा से आपसी भाईचारे, अमन और कौमी एकता की मिसाल रहा है। दोनों समुदायों के बीच शुक्रवार को जो कुछ हुआ, वह बेहद दुखद है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और शहर की ऐतिहासिक सौहार्दपूर्ण परंपरा को कायम रखने का आग्रह किया। विधायक ने कहा कि सभी लोगों को मिल-जुलकर स्थिति सामान्य बनाने में सहयोग करना चाहिए।
नाहन हिंसा पर पुलिस का शिकंजा, सात धाराओं में केस दर्ज
नाहन में महर्षि वाल्मीकि चौक के साथ स्वागत द्वार लगाने को लेकर शुक्रवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी, पुलिस कर्मियों पर हमले, सरकारी और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाने तथा विवाद शांत करवाने पहुंचे तहसीलदार की सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस थाना नाहन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर आगामी कार्रवाई में जुटी है। एएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पुलिस चौकी कच्चा टैंक को वाल्मीकि चौक पर गेट लगाने को लेकर विवाद होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां गोविंदगढ़ मोहल्ले के कुछ लोग वाल्मीकि चौक से दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्वागत द्वार लगाने का कार्य कर रहे थे, जिसका वाल्मीकि बस्ती के लोग विरोध कर रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौच हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एएसपी के अनुसार, थाना प्रभारी नाहन और अन्य पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थरों तथा कांच की बोतलों से पथराव शुरू हो गया।
बीच-बचाव के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर भी हमला किया, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को चोटें आईं। इस दौरान घटनास्थल पर खड़े सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। विवाद को शांत करवाने के लिए मौके पर पहुंचे तहसीलदार नाहन की सरकारी गाड़ी का रास्ता रोककर उस पर पथराव किया गया और डंडों से तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। पुलिस थाना नाहन में बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 132, 121(1), 324(4) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। इन धाराओं में बलवा, गैरकानूनी जमावड़े के सदस्यों की जिम्मेदारी, सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य में बाधा डालने के लिए हमला तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सिरमौर पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। एएसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।