शिमला। देश के चार हजार से अधिक शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार शिमला शहर रैंकिंग में बड़ी छलांग लगा सकता है। इसके नतीजे आने से पहले ही केंद्र ने शिमला शहर को ओडीएफ डबल प्लस घोषित कर दिया है।
इस अधिसूचना के साथ ही शिमला शहर प्रदेश में ओडीएफ डबल प्लस घोषित होने वाला पहला शहर बन गया है। इससे पहले ओडीएफ यानी खुला शौचमुक्त होने वाला भी शिमला प्रदेश का पहला शहर था। ओडीएफ डबल प्लस का मतलब है कि शिमला शहर के सार्वजनिक शौचालय बेहतर हालत में हैं। इनमें सफाई, पानी, साबुन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ओडीएफ डबल प्लस घोषित होने से इसके अंक स्वच्छता सर्वेक्षण में जुड़ेंगे, जिससे रैंकिंग में काफी सुधार आ जाएगा। बीते साल शिमला शहर ओडीएफ डबल प्लस श्रेणी में नहीं था। पिछले महीने ही केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने शिमला का दौरा किया था।
इस दौरान शहर के माल रोड, संजौली, खलीनी, मल्याणा आदि इलाकों के सार्वजनिक शौचालय भी चेक किए गए थे। टीम ने लालपानी ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया था। इसी निरीक्षण के आधार पर शिमला शहर को अब ओडीएफ डबल प्लस घोषित कर दिया गया है। सोमवार को आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने इसकी घोषणा कर दी है।
कामयाब रहा आयुक्त का फार्मूला
शहर को ओडीएफ डबल प्लस घोषित करने के लिए नगर निगम ने कुछ महीने पहले ही आवेदन किया था। शहर के सभी 120 सार्वजनिक शौचालय साफ रहे, इसके लिए नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने अफसरों तक को फील्ड में उतार दिया था। शौचालयों में पानी की सप्लाई के लिए अलग टैंकर की व्यवस्था की गई है। आयुक्त के अलावा संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज, निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा, सेनेटरी इंस्पेक्टर, सफाई कर्मचारियों ने शौचालयों को साफ रखने का जिम्मा उठाया जिसके बाद यह नतीजा सामने आ पाया।
रैंकिंग में सुधार की उम्मीद
बीते साल शिमला शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में 127वें स्थान पर था। अब रैंकिंग में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। देशभर में करीब सौ शहर ही ऐसे हैं जिन्हें अभी तक ओडीएफ डबल प्लस घोषित किया गया है।