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रहस्यमयी बुखार से ढाई साल के बच्चे की मौत, छह की हालत गंभीर

Tue, 16 May 2017 04:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नेरवा (रोहड़ू)
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शिमला की कुपवी तहसील की मालत पंचायत के शिवधार गांव में रहस्यमयी बुखार से ढाई साल के बच्चे की मौत होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बुखार की चपेट में गांव के और आधा दर्जन बच्चे भी आ गए हैं। इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
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बुखार से मौत का मामले की सूचना पर विभाग की टीम गांव पहुंच गई है। टीम दावा कर रही है कि बच्चे की मौत बुखार से हुई है। हैरानी इस बात की है कि टीम सिर्फ दावा कर रही है। गांव में कौन सी बीमारी फैली है, इसका पता टीम को नहीं लग सका है। 

चिकित्सकों ने रोग ग्रस्त बच्चों के टेस्ट के लिए थूक, पेशाब और खून के सैंपल तक नहीं लिए। इसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग इसे वायरल बुखार मान रहा है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी विभाग ने इनकी सुध लेनी उचित नहीं समझी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। 
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एकाएक बीमारी की चपेट में आने लगे गांव के बच्चे

मामला 12 मई का बताया जा रहा है। गांव का ढाई साल का अतुल बुखार की चपेट में आ गया। अतुल को उसका पिता राजेश मांगटा गंभीर अवस्था में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी ले गए। यहां से बच्चे को सोलन रेफर किया गया।

लेकिन सोलन ले जाने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। इसी बीच गांव में छह अन्य बच्चे भी बुखार की चपेट में आ गए। रोहित (15) पुत्र अमर सिंह मांगटा को कुपवी पीएचसी से सोलन रेफर किया गया है।

मयूर (5) पुत्र राजेश मांगटा, आशीष (2) पुत्र प्रदीप मांगटा, संतोषी (4) पुत्री प्रदीप मांगटा, वीना कुमारी (6) पुत्री सुरेश मांगटा, हर्ष (4) पुत्र विनोद मांगटा भी बुखार की चपेट में हैं। बताया जा रहा है कि इनका इलाज कुपवी में ही किसी बंगाली डॉक्टर के पास चल रहा है।  
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बीमारी का पता किए बिना लौटी टीम

कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डा. भारत भूषण ने बताया कि एक मेडिकल टीम को गांव में भेजा गया था। उन्होंने यह माना कि टीम यह बताने में असफल रही कि यह बच्चे किस बीमारी से पीड़ित हैं।

उन्होंने बताया कि शायद बच्चे की मृत्यु वायरल बुखार से हुई है। उन्होंने पूछने पर यह भी स्वीकार किया कि किसी भी बच्चे का थूक, खून व पेशाब का कोई सैंपल लेकर जांच नहीं की गई है।

पीएचसी में ठंडे पानी की पट्टियों से इलाज    
शिवधार गांव निवासी मुन्नू राम मांगटा ने बताया कि इन सभी बच्चों को तेज बुखार और खांसी की शिकायत होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी ले जाया गया था। 12 मई को सुबह अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद दिन भर मात्र ठंडे पानी की पट्टियों से इनका उपचार किया गया।

हालत बिगड़ने पर अतुल को दोपहर बाद सोलन के लिए रेफर किया गया। लेकिन उसे जैसे ही 108 एंबुलेंस में सोलन ले जाने लगे तो उसकी मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य केंद्र के इलाज से संतुष्ट न होने पर परिजन छह बच्चों का इलाज कुपवी में ही निजी चिकित्सक से करवा रहे हैं। 
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