हिमाचल सरकार ने सस्ते राशन की दुकानों (डिपुओं) में मिलने वाले सरसों तेल का टेंडर रद्द कर दिया है। दाम ज्यादा होने की वजह से सरकार ने नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला लिया है। लिहाजा, इस महीने उपभोक्ताओं को तेल का कोटा देरी से मिलेगा।
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प्रदेश सरकार का मानना है कि निगम की ओर से जो तेल के टेंडर किए थे, उस हिसाब से उपभोक्ताओं को 80 व 90 रुपये के बीच प्रति लीटर तेल मिलना था। बाजार में सरसों तेल की कीमत 110 व 125 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।
राशनकार्ड उपभोक्ताओं को महंगा तेल न लेना पड़े इसलिए टेंडर को रद्द किया गया है। सरकार कोशिश कर रही है कि उपभोक्ताओं को सरसों तेल 60 से 70 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिया जाए।
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18.5 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता
हिमाचल में साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं, जो डिपो से सरसों और रिफाइंड तेल लेते हैं। पहले उपभोक्ताओं को डिपो में सरसों तेल 72 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध कराया जा रहा था।
सरसों तेल के दाम ज्यादा आए थे, इस कारण टेंडर रद्द किया गया है। खाद्य आपूर्ति निगम को नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने को कहा गया है। - ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले