पीड़ित बुजुर्गों ने बताया कि चौगान जाने से पूर्व वे जिला प्रशासन के समक्ष पेश हुए थे। घर वापसी के लिए उन्होंने 25 हजार रुपये की जरूरत बताई थी। प्रशासन ने उन्हें पांच हजार रुपये की राशि सहायता स्वरूप प्रदान की।
चौगान पर हिंदू श्रद्धालुओं की मदद पर दिलदार अली बट ने बताया कि घटना का पता चलते ही उन्होंने और सहयोगियों ने पैसा जुटाकर श्रद्धालुओं को सौंपा।डीसी चंबा हरिकेश मीणा ने बताया कि कोई बुजुर्ग उनसे मिलने नहीं पहुंचा था।
दो-तीन दिन पूर्व भरमौर में स्थानीय प्रशासन ने इन लोगों की दस हजार रुपये की मदद अपने स्तर पर की थी। चंबा में दो दिन तक रुकने के बावजूद पीड़ितों का उनसे नहीं मिल पाना हैरत की बात है। इस मामले की पड़ताल कराई जा रही है। चंबा के बाशिंदों ने यदि बाहरी राज्यों के लोगों की मदद की है, तो ये काबिले तारीफ है।