पशु पालन व्यवसाय से लोग मुंह मोड़ रहे हैं लेकिन पशुपालन से न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है, बल्कि करोड़ों रुपये कमाए भी जा सकते हैं। कालाअंब पंचायत के जोड़ों गांव को ही लें तो यहां मुर्राह नस्ल का भैंसा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महज 25 महीने के इस भैंसे की कीमत चार करोड़ रखी गई है।
जबकि बड़े होने पर यह भैंसा इससे कहीं अधिक कमाई करवाएगा। पंजाब के कारोबारी इस भैंसे का सवा करोड़ रुपये देने को राजी हो गए थे लेकिन मालिक जग्गा सिंह ने इसे बेचने से इंकार कर दिया। इसका नाम शेरा रखा गया है। भैंसे के मालिक जग्गी शर्म का कहना है कि वह भैंसे को बड़े प्यार से पाल रहे हैं।
वह इसे बेचना नहीं चाहते। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के त्रिलोक सिंह, अमर सिंह, मौन ने इस भैंसे की कीमत एक करोड़ दस लख रुपये रखी थी लेकिन वह इसे बेचना नहीं चाहते। उनके अनुसार 25 महीने में भैंसे की ऊंचाई पांच फुट चार इंच है। लंबाई दस फुट दस इंच है।
जबकि वजन साढ़े दस क्विंटल। उनके अनुसार खुराक में आठ किलो चने, छह किलो फीड और एक किलो सूं का तेल रोज दिया जाता है। उनके अनुसार भैंसे का कृत्रिम गर्भाधान के लिए इंजेक्शन बनाए जा सकते हैं। इस प्रजाति की मादा भैंस दिन में औसतन 12 से 18 किलो तक दूध दे सकती है।