नप का दावा है कि पंजीकरण से जहां शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी। वहीं, आवारा कुत्तों की पहचान भी हो सकेगी और उन्हें पकड़कर नसबंदी की जाएगी। गौरतलब है कि मंडी में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। लोगों को काटने की काफी घटनाएं मंडी में सामने आ चुकी हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस की कोई फीस नहीं लगेगी। लाइसेंस मुफ्त में मुहैया करवाया जाएगा।