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कोरोना पीड़ित युवक के दाह संस्कार पर अब घमासान शुरू, नगर निगम ने ये कहा

Wed, 06 May 2020 05:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में मंगलवार देररात कोरोना पीड़ित युवक की मौत के बाद उसके दाह संस्कार को लेकर खूब घमासान हुआ। जिला प्रशासन ने दाह संस्कार करने के लिए नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए। लेकिन निगम प्रशासन ने दाह संस्कार करने से साफ इंकार कर दिया।

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अमर उजाला ने फेसबुक लाइव के जरिये मंगलवार देर रात ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया। बुधवार को नगर निगम से लेकर सरकार तक में इसे लेकर हड़कंप मचा रहा। लगातार उठ रहे सवालों के बीच नगर निगम प्रशासन ने सफाई दी कि कोरोना पीड़ित के दाह संस्कार की जिम्मेदारी निगम की नहीं है। साथ ही दावा किया कि जिला प्रशासन से कोई दिशा निर्देश मंगलवार रात को नहीं मिले थे। 

कोरोना पीड़ित युवक के दाह संस्कार पर अमर उजाला संवाददाता ने नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज से इस पूरे मामले को लेकर कुछ तीखे सवाल किए। 
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सवाल: जिला प्रशासन का कहना है कि सूचना देने के बावजूद नगर निगम ने दाह संस्कार के लिए कर्मचारी नहीं भेजे, क्यों?
जवाब : हमने गाइडलाइन के मुताबिक ही काम किया है। रात नौ बजे तक जिला प्रशासन ने निगम से कोई संपर्क नहीं किया। एक वेबसाइट पर इसकी जानकारी मिली तो हमने तैयारी की। रात दस बजे ही अधिकारी डीपी सिंह की अगुवाई में छह कर्मी मौके पर भेजे। आईजीएमसी से लेकर कनलोग तक की सड़क को सैनिटाइज किया। सुबह भी सैनिटाइजेशन की है।

सवाल : कोरोना के कारण होने वाली मौतों पर दाह संस्कार की जिम्मेदारी किसकी है? निगम क्यों दाह संस्कार नहीं करेगा?
जवाब: केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार इसमें नगर निगम का कोई रोल नहीं है। दिल्ली में भी ऐसा हो चुका है। केंद्र और डब्ल्यूएचओ के दिशा निर्देश में यह स्पष्ट है कि नगर निगम सैनिटाइजेशन करेगा और पीपीई किट मुहैया करवाएगा।

सवाल: यदि निगम दाह संस्कार नहीं कर सकता तो फिर मंगलवार रात को क्यों किया?
जवाब : हमारी टीम मौके पर गई थी फिर उन्होंने ही दाह संस्कार किया। कर्मचारी ढाई बजे तक मौके पर रहे, तब तक ज्यादातर लोग चले गए थे। यह लड़ाई का वक्त नहीं है, हमें मिलकर काम करना है। भविष्य में दाह संस्कार को लेकर जिला प्रशासन से बातचीत करेंगे। इसमें जो निर्देश होंगे, उन्हें लागू किया जाएगा।

सवाल : शवगृह किसके अधीन हैं? कनलोग शवगृह के कर्मचारियों के पास किट तक नहीं थी, इन्हें कौन किट देगा?
जवाब : यह हमारे अधीन नहीं है। यह कमेटियों के अधीन है, जहां तक पंडित या चौकीदार को पीपीई किट न देने का सवाल है तो यह जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। नगर निगम को जब इसका अभाव लगा तो हमने कर्मचारियों को यह किट मुहैया करवा दी। एक दो दिन में अब सभी शवगृहों के कर्मचारियों को किट देंगे।

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