शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन में राजधानी के पार्कों में ओपन जिम बनाने के लिए चल रही टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। कई वार्डों में जहां पार्क तक नहीं है, वहां भी नगर निगम ने ओपन जिम पार्क बनाने के टेंडर कॉल कर दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने वाली है लेकिन अभी तक नगर निगम को खुद मालूम नहीं कि ये जिम कहां बनेगा। इस पर अब निगम पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। नगर निगम ने करीब 90 लाख रुपये से 21 वार्डों में ओपन जिम उपकरण लगाने के टेंडर कॉल किए हैं। इनमें कैथू वार्ड में भी स्मार्ट सिटी से ओपन जिम बनाने का टेंडर कॉल किया गया है। लेकिन स्थानीय पार्षद को इसकी सूचना तक नहीं। शनिवार को नगर निगम सदन में भी पार्षद सुनील धर ने इस पर सवाल उठाए थे। पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं जिसमें ये जिम बन सके। कोई खाली जगह भी नहीं है। यदि नगर निगम ने ऐसी कोई जगह देखी है तो उन्हें भी बताई जाए। इस पर प्रशासन का जवाब था कि वार्ड में जो भी खाली जमीन होगी, वहां ओपन जिम उपकरण लगा देंगे। पार्षद ने इस पर सवाल उठाए। पूछा कि जब प्रशासन ने अभी तक जमीन ही चिन्हित नहीं की है तो फिर ऐसे टेंडर कैसे कॉल किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी के पैसों को सोच समझकर खर्चा किया जाए।
स्मार्ट सिटी के मालरोड पर हो रहा पैचवर्क
नगर निगम पार्षदों ने स्मार्ट सिटी के कामों पर सवाल उठाए हैं। पार्षद इंद्रजीत सिंह, सुनील धर का कहना है कि स्मार्ट सिटी के हाल ऐसे हैं कि यहां के मालरोड तक पर टारिंग की जगह चिप्पियां (पैचवर्क) लग रही हैं। सैलानी यहां आते हैं और ये चिप्पियां देखकर हैरान होते हैं। मालरोड पर एक भी ऐसा काम नहीं किया जिससे लगे कि स्मार्ट सिटी बन रही है। सुनील धर ने कहा कि गंगटोक में कम से कम मालरोड तो देखने लायक है। उसी तरह शिमला के मालरोड को भी सुंदर बनाया जाए।