नगर निगम शिमला के घोषित हुए चुनाव परिणामों में बीते सदन के सात पार्षदों को जनता ने दोबारा मौका दिया है जबकि पांच पार्षदों के पति-पत्नी को नगर निगम सदन में पहुंचाया है। तीन सिटिंग पार्षदों पर परिवारवाद भारी भी पड़ा है। यह पार्षद अपनी पत्नी-बेटे को जीत दिलाने में सफल नहीं रहे। दो पूर्व पार्षदों पर जनता ने जहां दोबारा विश्वास दिलाकर उन्हें जिताया है वहीं चार पूर्व पार्षदों को जनता ने नकार दिया है।
बीते सदन के पार्षदों में संजौली चौक से सत्या कौंडल, मल्याणा से कुलदीप ठाकुर, लोअर ढली से शैलेंद्र चौहान और रामबाजार से सुषमा कुठियाला ने दोबारा जीत दर्ज की है। निगम सदन में सरकार की ओर से मनोनीत किए गए तीन पार्षद अबकी बार निर्वाचित होकर सदन में पहुंचे हैं। इनमें लोअर बाजार से इंद्रजीत सिंह, जाखू से अर्चना धवन और कच्चीघाटी से संजय परमार शामिल हैं।
इनके अलावा रुलदूभट्ठा से पूर्व पार्षद सरोज ठाकुर के पति संजीव ठाकुर, टुटीकंडी से पूर्व पार्षद उमा कौशल के पति आनंद कौशल, चम्याणा से पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर की पत्नी रीता ठाकुर भट्ठाकुफर से, समिट्री से पूर्व पार्षद महेंद्र चौहान की पत्नी शारदा चौहान शांति विहार से और भराडी से पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी की पत्नी तनुजा चौधरी ने भी जीत दर्ज की है।
पूर्व पार्षद कुसुमलता ठाकुर और मीरा शर्मा भी अब दोबारा से पार्षद बन गई हैं। उधर, कसुम्पटी से पूर्व पार्षद कुसुम ठाकुर का बेटा मोहित ठाकुर, छोटा शिमला से पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौहान की पत्नी सीमा चौहान और कनलोग से पूर्व पार्षद आलोक पठानिया की पत्नी पूनम पठानिया हार गई हैं।
इनके अलावा कैथू से पूर्व पार्षद रहे देवेंद्र चौहान, अनाडेल से जैनी प्रेम, रामबाजार से पूर्व पार्षद संजीव शर्मा, लोअर बाजार से नवीन सूद और कनलोग से पूर्व पार्षद रहे राजेंद्र जिंदा की पत्नी आशा सूद पराजित रही हैं।