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Shimla News: नगर निगम ने नहीं भरा बिल, विद्युत बोर्ड ने बंद कर दी कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें

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रुल्दूभट्ठा, पंथाघाटी, मशोबरा, विकासनगर वार्डों के हजारों लोग अंधेरे में खा रहे ठोकरें, तेंदुए के हमले का खतरा
कुफ्टाधार, शांकली में चार दिनों से बंद हैं स्ट्रीट लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बिल का भुगतान न होने पर बिजली बोर्ड ने राजधानी के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है। रिहायशी क्षेत्रों, सड़कों और पैदल मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटें अचानक बंद होने से हजारों लोगों को इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर का अधिकतर क्षेत्र जंगलों सेे सटा है तथा इस कारण शाम के वक्त अंधेरा होने पर तेंदुए के हमले का भी खतरा है। शहर में तेंदुए के हमले के कई मामले पहले सामने आ चुके हैं। रात के समय आवाजाही करने वाले लोगों को अंधेरे में चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड के अनुसार नगर निगम ने कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटों के बिल का भुगतान नहीं किया है। शहर के रुल्दूभट्ठा वार्ड के कुफ्टाधार, शांकली और पांच घर लाइन समेत कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें पिछले चार दिनों से बंद हैं। वार्ड पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि हजारों लोग इन रास्तों से होकर गुजरते हैं। इस संबंध में बिजली बोर्ड और नगर निगम को शिकायत दी गई है। उनका कहना है कि बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिल का भुगतान होने के बाद ही आपूर्ति बहाल की जाएगी। उन्होंने नगर निगम से जल्द बिल जमा कराने की मांग की। मशोबरा में भी पिछले कुछ दिनों से रात के समय स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं।
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पंथाघाटी, कसुम्पटी और विकासनगर के कई हिस्सों में भी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पार्षदों का कहना है कि कुछ स्थानों पर बिल का भुगतान न होने के कारण, जबकि अन्य क्षेत्रों में लाइटें खराब होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पूर्व उपमहापौर राकेश शर्मा ने कहा कि छोटा शिमला से लेकर पंथाघाटी तक सड़क किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइटें रात के समय बंद रहती हैं। इन मार्गों से देर रात तक लोगों की आवाजाही रहती है, जिससे अंधेरे के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


कुछ वार्डों में दिन-रात जल रही हैं स्ट्रीट लाइटें
शहर के अपर ढली वार्ड में स्ट्रीट लाइटें दिन-रात जल रही हैं। वार्ड पार्षद कमलेश मेहता ने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी हैं। दिन के समय भी लाइटें जलने से बिजली का अनावश्यक बिल बढ़ रहा है, जिसका भुगतान जनता के पैसे से किया जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को इस व्यवस्था में जल्द सुधार करना चाहिए ताकि सरकारी धन की बर्बादी रोकी जा सके। विकासनगर वार्ड की पार्षद रचना भारद्वाज ने बताया कि उनके वार्ड के कई इलाकों में भी स्ट्रीट लाइटें दिन-रात जलती रहती हैं, जबकि कई स्थानों पर महीनों से लाइटें बंद पड़ी हैं।


विद्युत बोर्ड को लिख रहे पत्र

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि इस संबंध में बिजली बोर्ड को पत्र लिखा जा रहा है। उनका कहना है कि नगर निगम समय पर बिल का भुगतान करता है। कुछ स्थानों पर लगाए प्रीपेड मीटरों के कारण यह समस्या सामने आई है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड से अनुरोध किया जाएगा कि वह बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद न करे।
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कोट

नगर निगम अग्रिम भुगतान करने के लिए तैयार है और इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। ऐसे में बिजली बोर्ड को इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिल के मुद्दे पर बिजली बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
सुरेंद्र चौहान, महापौर, शिमला नगर निगम
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