श्रवण को महज एक वोट मिला। नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी को 414, भावना को 351 वोट पड़े। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए सिरमौर जिला में सबसे अधिक 80.06% और हमीरपुर जिले में सबसे कम 44.63% मतदान हुआ। सुजानपुर में सबसे अधिक 72.68, नगर परिषद नेरचौक में 68.38, जबकि नगर निगम सोलन में 66.93% मतदान हुआ। शिमला जिले में एक उपप्रधान और 13 वार्ड सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया था।
जिला परिषद की दो सीटों पर भी रविवार को उपचुनाव हुआ। इनके नतीजे सोमवार को घोषित होंगे। इनमें लाहौल-स्पीति के वार्ड-6 सिस्सू और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का बगेड़ा वार्ड शामिल है। बिलासपुर की पंजगाईं पंचायत में प्रधान के उपचुनाव के बाद दो बार मतगणना हुई। इसमें दोनों प्रत्याशियों हेमराज और नत्थू राम को 461-461 मत मिले। इसके बाद टॉस के आधार पर हेमराज को प्रधान चुना गया। भोरंज की भकेड़ा पंचायत में प्रधान पद पर कर्णवीर सिंह, बिलासपुर की मलांगण पंचायत में ज्ञान चंद, पलासला में संदेश
शर्मा को जीत मिली। मंडी जिले की रियूर पंचायत में दुष्यंत, तुमन में ख्याल चंद और खलवाहन में शिव प्रधान बने। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है, जो सरकार की झूठी गारंटियों का करारा जवाब है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि ज्यादातर प्रत्याशी कांग्रेस से जीते हैं। वहीं, सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सोलन में पार्षद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। कांग्रेस आकलन करेगी कि कहां चूक हुई है। अन्य सीटों पर भाजपा जीत के कोरे दावे कर रही है।
विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह दूसरी बार बने वार्ड पंच
जोगिंद्रनगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ चुके लांगणा क्षेत्र से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह खडियार पंचायत के गदियाड़ा वार्ड से वार्ड पंच चुने गए हैं। वह तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वह दो बार पंचायत प्रधान और एक बार वार्ड पंच रह चुके हैं। अब एक बार फिर जनता ने उन्हें पंचायतीराज संस्था में काम करने का मौका दिया है। 65 वर्षीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह धरातल स्तर पर जनता के लिए काम करेंगे। आमजन के कार्यों के लिए उपलब्ध रहेंगे।