कुल्लू रघुनाथ मंदिर का अधिग्रहण प्रक्रिया रोकने पर सवाल खड़े किए। पटवारियों को हटाने के फैसले पर कहा कि फैसले पलटने की जल्दबाजी में गलत निर्णय हो रहे हैं और फिर रोल बैक करना पड़ रहा है।
कांग्रेस सरकार के बेरोजगारी भत्ते को बंद करने के मुख्यमंत्री जयराम के बयान पर पलटवार किया कि सरकार बताए कि 12 लाख बेरोजगारों को कब तक रोजगार दिया जाएगा। उसके लिए क्या नीति है सरकार के पास।
कौशल विकास भत्ते पर बोले कि पीएम मोदी ने इसके लिए केंद्र में अलग विभाग बनाया है, जबकि उनकी राज्य सरकार को पिछली सरकार कि कौशल विकास नीति रास नहीं आ रही। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को भ्रमित करने वाला बताया।
अग्निहोत्री ने बताया कि इसके बावजूद विपक्ष सरकार को पूरा समय देगा ताकि वह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके। मंत्रियों को बता दें कि पिछली सरकार को कोसने और उसके पोस्टमार्टम से ज्यादा फायदा नहीं होगा, क्योंकि जनता ने हमें विपक्ष में बैठा दिया है और उसे नई सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।
मुकेश ने भाजपा सरकार में संघ का दखल जरूरत से ज्यादा होने का आरोप लगाया। मुकेश अग्निहोत्री ने सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि भले ही सरकार की गाड़ी का स्टीयरिंग उनके पास है, लेकिन गियर और ही लोग डालने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सीएम को ऐसे लोगों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार रिमोट से नहीं चलती है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में मिली जीत से बेहद उत्साहित है। पार्टी 2032 तक प्रदेश में सत्ता पर काबिज रहने के दावे कर रही हो, लेकिन कांग्रेस 2022 में ही उससे सत्ता छीन लेगी।
दो रास्तों से एक चुने सरकार
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार को चलाने के दो रास्ते हैं। एक रास्ता विकास, कल्याण, गरीब की सेवा का है, जबकि दूसरा प्रतिशोध, उत्पीड़न, चार्जशीट व चरित्र हनन का है। अब यह सरकार को तय करना है कि वह किस रास्ते पर चलना चाहती है। मुकेश ने मुख्यमंत्री को अफसरशाही से सावधान रहने और विकास व कल्याण का रास्ता चुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अफसरशाही चाहेगी आप रूट टू यानी प्रतिशोध के रूट पर चलें। इनकी फितरत ऐसी ही रहती है। हमारा सुझाव है कि आप पहला रास्ता चुनें। सदन रंजिश निकालने के लिए नहीं है।
मुकेश ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि पार्टी का घोषित मुख्यमंत्री कोई रहा जबकि बना कोई और। बिना नाम लिए कहा कि प्रदेश में बहुत बड़ी राजनीतिक दुर्घटना हुई है। चाहे इसे राजनीतिक उलटफेर मानें या भाग्य का खेल।
उन्होंने इसे बहुत बड़ा बदलाव करार दिया और कहा कि सदन में बैठे किसी भी सदस्य ने इसकी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने जयराम को याद दिलाया कि आपके घोषित मुख्यमंत्री ने चुनाव में जो घोषणाएं कीं, उनका जिक्र अभिभाषण में नहीं है।
सीएम के सदन में विपक्ष के आचरण को देखकर भविष्य में रणनीति तय करने पर तंज कसते हुए कहा कि वे मंडी के दामाद हैं और दामाद का आचरण आप क्या देखेंगे।
पैसे का राग अलापना बंद करें
अग्निहोत्री ने सरकार के गठन के समय से ही खाली खजाने का रोना रोने पर भी तंज कसा और कहा कि नवगठित सरकार या सीएम को यह शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि प्रदेश का खजाना पिछली कांग्रेस सरकार में भी खाली था, लेकिन हमने एक दिन भी पैसे की कमी का रोना नहीं रोया।
उन्होंने कहा कि सीएम जयराम के केंद्र में अच्छे संबंध हैं और यह उन्होंने साबित भी कर दिया है। इसलिए सीएम को केंद्र से प्रदेश की खस्ता वित्तीय हालत से बाहर निकलने के लिए बेल आउट पैकेज लाना चाहिए। जरूरत महसूस करें तो विपक्ष भी उनके साथ कहीं भी जाने के लिए तैयार है।