भाजपा की बैठकों में उनको कहना पड़ रहा है कि उनका कोई सहयोग नहीं कर रहा है। हमें यह भी पता है कि मुख्यमंत्री किसके रिमोट से चलते हैं। कैबिनेट मंत्री ही उनको नहीं मान रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ता कह रहे हैं कि हमें एहसास नहीं हो रहा है कि सूबे में हमारी सरकार है। जब हमने छह माह पूरे होने पर हिसाब मांगने की बात की तो उन्हें रोज फाइलें निपटाने की याद आई। मुख्यमंत्री जिस लहजे में बात करेंगे, उसी लहजे में जवाब मिलेगा।
विपक्ष झुकने वाला नहीं है, ठोक बजाकर जवाब दिया जाएगा। विपक्ष की चिंता छोड़ दें। शिमला में पेयजल समस्या, कसौली गोलीकांड और नूरपुर हादसे पर मुख्यमंत्री का सिर्फ खेद ही आया है।
ऊना जिला में हमारे हिमाचली होने पर भी सवाल खड़ा किया है, जिसकी निंदा करते हैं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट वीरेंद्र धर्माणी, अभिषेक राणा, अशोक, विक्रांत सहित अन्य उपस्थित रहे।