उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंगस में अवैध खनन की वजह से जलशक्ति विभाग की पेयजल योजना का स्रोत दूषित हुआ है। इस वजह से करीब एक हजार लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। यह बात उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को डायरिया प्रभावित क्षेत्र में विभाग की पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करने से पहले मीडिया से बातचीत में कही। मुकेश के पास परिवहन के अलावा जलशक्ति विभाग भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलशक्ति विभाग की योजनाओं के समीप खनन के मामलों में संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी पाई जाती है तो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। पुल, ट्यूबवेल, पेयजल योजनाओं समेत सरकारी संपत्तियों के समीप खनन पर प्रतिबंध है। खनन लीज क्षेत्र में बुर्जियां स्थापित करने के आदेश दिए हैं।
अवैध खनन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई सरकार करेगी। विकास कार्यों के लिए रेत और बजरी चाहिए, लेकिन नियमों का पालन करना भी जरूरी है। पेयजल स्रोत से 200 मीटर ऊपर की तरफ और 300 मीटर निचली तरफ खनन नहीं हो सकता। रंगस मामले में भी खनन विभाग ने एफआईआर दर्ज करवा दी है। भविष्य में ऐसे मामले सामने न आएं, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। मुकेश ने कहा कि हम लीपापोती करने वाले नहीं हैं। रंगस के पेयजल स्रोत में भी गंदे पानी की समस्या रही है। सात दिन के भीतर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए टेंडर लगाया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं। कहा कि विभाग की ओर से लिए पानी के सैंपल की रिपोर्ट आ रही हैं, लेकिन हम रिपोर्ट के बजाय प्रभावी कदम उठाएंगे।
973 लोग डायरिया से प्रभावित और उप मुख्यमंत्री इसे बता रहे राजनीतिक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन नहीं करेगी। यह स्पष्ट हो चुका है कि पेयजल योजना से दूषित पानी की आपूर्ति हुई है। हमीरपुर में अवैध खनन पर खनन विभाग ने दो साल में 800 चालान किए, लेकिन पुलिस में एफआईआर नहीं की। खनन माफिया के खिलाफ एफआईआर नहीं करने के सवाल पर मुकेश ने कहा कि यह राजनीति से प्रेरित सवाल है, वह इसका जवाब नहीं दे सकते। रंगस क्षेत्र में डायरिया के मामले 973 से ऊपर पहुंच गए हैं और उप मुख्यमंत्री को यह मामला राजनीति से प्रेरित लग रहा है।
131 करोड़ बजट, टेंडर कर दिया था 200 करोड़ का : मुकेश
बड़सर विस क्षेत्र में 131 करोड़ से पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। विभाग ने उसका टेंडर 200 करोड़ में कर दिया था। मुकेश ने कहा कि पता चलते ही सरकार ने टेंडर को रद्द कर दिया है। पूर्व में इस स्कीम के लिए 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी बेवजह बढ़ रही थी। अब ब्यास नदी के बजाय सतलुज नदी से पानी पहुंचाया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत हमीरपुर जिले में 71 करोड़ का बजट उपलब्ध है। इसमें अभी तक 50 फीसदी ही खर्च हुआ है। बकाया बजट राशि को तत्काल खर्च करने के आदेश जारी किए हैं। मूल्यांकन किया जा रहा है कि हमीरपुर की कौन-कौन से स्कीम किस स्थिति में है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को भी पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता में है। 156 करोड़ की लागत से निमार्णाधीन नादौन क्षेत्र की मध्यम सिंचाई योजना का 31 मार्च तक लोकार्पण किया जाएगा।