उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए कम सवारियों वाले रूट बंद किए जाएंगे। रूटों पर चलने वाले चालकों-परिचालकों की फीडबैक पर ये रूट बंद होंगे। राजनीतिक आधार पर चलाए गए रूटों पर सवारियां नहीं होंगी तो बस भी नहीं चलेगी। दो-दो सवारियां लेकर बसें 40 से 50 किलोमीटर चल रही हैं। तेल का खर्च नहीं निकल रहा है। ब्लैक स्पॉट को लेकर भी चालकों-परिचालकों से फीडबैक लेंगे। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को दुरुस्त करेंगे। एचआरटीसी की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से चर्चा के बाद सचिवालय में प्रेसवार्ता में मुकेश ने कहा कि एचआरटीसी 1355 करोड़ के घाटे में होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रही है।
हर महीने कमाई 65 करोड़, जबकि खर्चा 144 करोड़ हो रहा है। 79 करोड़ का नुकसान हो रहा है। एचआरटीसी कर्मियों और पेंशनरों को नया वेतनमान दिया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ खर्च आएगा। कर्मियों को हर महीने की 7 तारीख को वेतन देने का प्रयास किया जाएगा। पेंशनरों को लंबित पेंशन के लिए सरकार ने 9 करोड़ देने को स्वीकृति दी है। पैसा मिलते ही पेंशन जारी की जाएगी। निगम कर्मियों के वेतन-भत्ते देने के लिए हर माह सरकार 69 करोड़ देती है। इसे एकमुश्त देने की सरकार से मांग की गई है। 39 माह का नाइट ओवरटाइम लंबित है, पिछली साल का भी देंगे लेकिन पहले अपनी सरकार के कार्यकाल की अदायगी करेंगे।एचआरटीसी पहला निगम है, जिसमें कर्मियों को ओपीएस देने का फैसला लिया है।
225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने को कैबिनेट की मंजूरी
मुकेश ने बताया कि सरकार ने कैबिनेट में 225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने की मंजूरी दी है। ये बसें मौजूदा ई-बसों से ऊंची और लंबी होंगी। चार्जिग के बाद मौजूदा बसों के मुकाबले अधिक दूरी तय करेंगी। इनके लिए रूट चिह्नित किए गए हैं। 225 नई ई-बसें आने के बाद ई-बसों का बेड़ा 300 हो जाएगा। मौजूद समय में निगम के बेड़े में 3123 बसें हैं। 3219 रूट चलाए जा रहे है। 1199 बसें जीरो बुक वैल्यू हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें 202 तुरंत हटाई जाएंगी। 15 साल पुरानी 167 बसें पहले ही हटा दी गई हैं। कुछ 600 नई बसें खरीदेंगे। इनमें 196 खरीद ली हैं जो 150 डीजल, 15 ई-बसें धर्मशाला, 20 ई-बसें शिमला और 11 वोल्वो शामिल हैं। 300 डीजल बसें खरीदने की भी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
दावा - वोल्वो माफिया पर लगेगा अंकुश, 9 लाख सालाना टैक्स लेंगे
शिमला और मनाली सहित अन्य क्षेत्रों के लिए रोजाना करीब 250 अवैध वोल्वो चलती हैं। इनमें बड़ी संख्या में सैलानी सफर करते हैं। इन वोल्वो से सालाना 9 लाख टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए तमिलनाडु हाईकोर्ट के फैसले को आधार बनाया गया है। प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर ही हिमाचल टैक्स की वसूली कर दी जाएगी।
यह भी दी जानकारी
- एचआरटीसी के अधिकृत ढाबों की होगी समीक्षा
- निजी बसों के साथ विवादास्पद टाइम टेबल की होगी समीक्षा
- बेरोजगारों को दिए जाएंगे 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर के 500 रूट
- फील्ड में भेजे जाएंगे सालों में दफ्तरों में जमे चालक-परिचालक
- आय बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों के परिवहन निगम और रोडवेज का होगा अध्ययन
- ढली में बनेगा आधुनिक बस अड्डा
- धार्मिक स्थलों के लिए चलेंगी लग्जरी बसें
- 30 जून से पहले पंजीकृत करवाने होंगे जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर
- ठियोग, ढली और करसोग में नए डीजल पंप स्थापित होंगे