हिमाचल के भाजपा नेताओं के कहने पर केंद्र सरकार ने प्रदेश को जारी होने वाली आपदा राहत राशि रोक दी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह आरोप लगाते हुए कहा है कि प्राकृतिक आपदा पर भी भाजपा नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के क्लेम के 4,950 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से न मिलने के लिए हिमाचल भाजपा जिम्मेदार है। भाजपा नेताओं की वजह से ही केंद्र ने यह राशि रोकी है। आपदा से नुकसान का 6,746 करोड़ रुपये का पहला प्रस्ताव हिमाचल सरकार ने 10 अगस्त को केंद्र सरकार को भेज दिया था। उसके बाद 9,900 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव 10 अक्तूबर को भेजा गया है।
कुल क्लेम का 50 फीसदी यानी 4950 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश का हक बनता है। यह राशि केंद्र सरकार को तुरंत जारी करनी चाहिए, जिससे लोगों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। मुकेश अग्निहोत्री व जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक क्लेम का एक पैसा भी केंद्र सरकार ने हिमाचल को नहीं दिया है। केंद्र की तीन टीमें अब तक प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर लौट चुकी हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल में आई आपदा को न तो राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया और न ही इस आपदा से उबरने के लिए कोई विशेष राहत पैकेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा के नेता इस धनराशि को जारी नहीं होने दे रहे हैं। इसी तरह से बिजली कंपनियों से वाटर सेस लेने के लिए बार-बार रोका जा रहा है।